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भारत अंतरराष्ट्रीय चावल सम्मेलन में प्रदर्शित होंगी दुनिया भर की 200 किस्में, 23 से 25 अक्टूबर तक दिल्ली में होगा आयोजन

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : Sep 22, 2026 01:50 pm IST,  Updated : Sep 22, 2026 01:50 pm IST

इस प्रदर्शनी का उद्देश्य चावल को केवल एक कमर्शियल कमोडिटी के रूप में ही नहीं, बल्कि भूगोल, जैव विविधता, खान-पान की परंपराओं और खेती के तौर-तरीकों से जुड़े उत्पाद के रूप में पेश करना है।

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BIRC में प्रदर्शित होंगी दुनिया भर की चावल की 200 किस्में Image Source : MAGNIFIC

भारत इंटरनेशनल राइस कॉनफ्रेंस (BIRC) में दुनिया भर से कमर्शियल महत्व वाली चावल की लगभग 200 किस्मों को प्रदर्शित किया जा रहा है। अपनी तरह का ये पहला ग्लोबल कलेक्शन अगले महीने नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। इससे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को एक ही जगह पर चावल की अलग-अलग किस्मों की तुलना करने और संभावित सप्लायरों की पहचान करने में मदद मिलेगी। 

23 से 25 अक्टूबर तक दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होगा प्रदर्शन

कार्यक्रम के आयोजकों ने एक बयान में बताया कि 23 से 25 अक्टूबर तक भारत मंडपम में प्रदर्शित किए जाने वाले इस ग्लोबल राइस कलेक्शन में इटली के आर्बोरियो, थाईलैंड के जैस्मीन और ग्लूटीनस आरडी6 और जापान के सुशी चावल से लेकर भारत के बासमती, सुगंधित पारंपरिक अनाज, काले और लाल चावल और खास क्षेत्रीय किस्में शामिल होंगी। 

भारत की व्यावसायिक पेशकश में ये किस्में की जाएंगी प्रदर्शित

इस प्रदर्शनी का उद्देश्य चावल को केवल एक कमर्शियल कमोडिटी के रूप में ही नहीं, बल्कि भूगोल, जैव विविधता, खान-पान की परंपराओं और खेती के तौर-तरीकों से जुड़े उत्पाद के रूप में पेश करना है। भारत की व्यावसायिक पेशकशों में पूसा बासमती, सुगंधा और शरबती सहित बासमती की कई किस्में शामिल होंगी। इसके अलावा गैर-बासमती किस्में जैसे पीआर-11, पीआर-14, परमल और सोना मसूरी को भी प्रदर्शित किया जाएगा। 

किन राज्यों से कौन-सी किस्म होंगी प्रदर्शित

इस कलेक्शन में क्षेत्रीय और पारंपरिक किस्में भी शामिल होंगी, जिनमें केरल से नवारा और रक्तशाली, तमिलनाडु से सीरागा सांबा, मपिल्लई सांबा और करुप्पु कावुनी, छत्तीसगढ़ से दुबराज, पश्चिम बंगाल से तुलाईपंजी, मणिपुर से चाक-हाओ काला चावल, असम से जोहा चावल, उत्तर प्रदेश से काला नमक, मध्य प्रदेश से चिन्नौर, महाराष्ट्र से आंबेमोहर और कश्मीर से मुश्कबुदजी शामिल हैं। 

नए उत्पादों की खोज का एक महत्वपूर्ण जरिया बन सकता है आयोजन

भारतीय चावल निर्यातक महासंघ (IREF) के देव गर्ग ने कहा, ''पहली बार भारत इंटरनेशनल राइस कॉनफ्रेंस में आने वाला कोई वैश्विक खरीदार एक ही जगह पर व्यावसायिक रूप से प्रासंगिक किस्मों की विस्तृत शृंखला देख सकेगा, उनकी तुलना कर सकेगा और फिर तुरंत आपूर्तिकर्ताओं से संपर्क साध सकेगा। हमारा मानना ​​है कि ये चावल संग्रह नए उत्पादों की खोज का एक महत्वपूर्ण जरिया बन सकता है।''

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