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अडानी पोर्ट्स का बड़ा कदम: मुंद्रा पोर्ट पर शुरू होगा डेडिकेटेड एम्प्टी कंटेनर यार्ड, एक्सपोर्टर्स को मिलेगा सीधा फायदा

 Reported By: Nirnay Kapoor Written By: Shivendra Singh
 Published : Sep 04, 2026 12:04 pm IST,  Updated : Sep 04, 2026 12:04 pm IST

अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) ने बड़ा कदम उठाते हुए मुंद्रा पोर्ट और SEZ में डेडिकेटेड एम्प्टी कंटेनर यार्ड (ECY) शुरू करने जा रही है। इस सुविधा से कंटेनरों की आवाजाही तेज होने और लॉजिस्टिक्स लागत कम होने की उम्मीद है।

मुंद्रा पोर्ट पर...- India TV Hindi
मुंद्रा पोर्ट पर डेडिकेटेड एम्प्टी कंटेनर यार्ड शुरू होगा Image Source : ANI

भारत के समुद्री कारोबार और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) ने बड़ा कदम उठाया है। कंपनी अब गुजरात के मुंद्रा पोर्ट और SEZ में डेडिकेटेड एम्प्टी कंटेनर यार्ड (ECY) शुरू करने जा रही है। इस नई सुविधा का मकसद खाली कंटेनरों को संभालने की पूरी प्रक्रिया को आसान और तेज बनाना है। इससे एक्सपोर्टर्स, इंपोर्टर्स, शिपिंग कंपनियों और लॉजिस्टिक्स से जुड़े कारोबारियों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।

APSEZ के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी के पास भारत के कंटेनर बाजार की करीब 45.5 फीसदी हिस्सेदारी है। वहीं, अकेला मुंद्रा पोर्ट देश के कुल कंटेनर कारोबार का लगभग 35 फीसदी संभालता है। यही वजह है कि मुंद्रा पोर्ट को भारत का सबसे बड़ा कंटेनर-हैंडलिंग पोर्ट माना जाता है। मुंद्रा में हर साल करीब 16 लाख TEUs खाली कंटेनरों को संभालने का अनुमान है। ऐसे में डेडिकेटेड एम्प्टी कंटेनर यार्ड शुरू होने से इस बड़े नेटवर्क को ज्यादा व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।

एक ही जगह मिलेगी कंटेनर से जुड़ी कई सुविधाएं

नए एम्प्टी कंटेनर यार्ड में खाली कंटेनरों के लिए कई सुविधाएं एक साथ उपलब्ध होंगी। यहां कंटेनरों की स्टोरेज, मेंटेनेंस और इंस्पेक्शन जैसी सेवाएं मिलेंगी। इसके अलावा, एक्सपोर्टर्स और कंटेनर फ्रेट स्टेशन (CFS) तक खाली कंटेनरों की आवाजाही को भी बेहतर तरीके से मैनेज किया जाएगा। इससे कंटेनरों को बार-बार अलग-अलग जगह ले जाने की जरूरत कम होगी। नतीजतन समय की बचत होने के साथ लॉजिस्टिक्स लागत को भी कम करने में मदद मिल सकती है।

एक्सपोर्टर्स और लॉजिस्टिक्स कंपनियों को होगा फायदा

APSEZ के सीईओ और पूर्णकालिक निदेशक अश्वनी गुप्ता के मुताबिक, नया यार्ड कंटेनर इकोसिस्टम में कामकाज को ज्यादा कुशल बनाने में मदद करेगा। इससे काम जल्दी पूरा होने और कंटेनरों की बेवजह आवाजाही कम होने से पूरी सप्लाई चेन को फायदा होगा। मुंद्रा पोर्ट SEZ के अंदर खाली कंटेनर से जुड़ी गतिविधियां होने से कस्टम्स अधिकारियों, शिपिंग लाइंस, टर्मिनल ऑपरेटर्स और ट्रांसपोर्टर्स के बीच बेहतर तालमेल भी संभव होगा।

5 साल में 60 लाख TEUs से ज्यादा क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य

यह पहल APSEZ के एम्बिशन 2031 रोडमैप का हिस्सा है। कंपनी अगले पांच वर्षों में अपने नेटवर्क में कंटेनर हैंडलिंग क्षमता को 60 लाख TEUs से ज्यादा बढ़ाने की प्लानिंग पर काम कर रही है। इस विस्तार में मुंद्रा पोर्ट की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

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