1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. गौतम अदाणी का बड़ा दांव! ₹1 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट से अनिल अग्रवाल की Vedanta को मिलेगी सीधी टक्कर

गौतम अदाणी का बड़ा दांव! ₹1 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट से अनिल अग्रवाल की Vedanta को मिलेगी सीधी टक्कर

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Jul 02, 2026 10:24 am IST,  Updated : Jul 02, 2026 10:25 am IST

भारत और एशिया के सबसे अमीर कारोबारी गौतम अदाणी अब एल्युमीनियम सेक्टर में बड़ा कदम रखने की तैयारी में हैं। खबर है कि अदाणी ग्रुप और अबू धाबी की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) मिलकर करीब 11.5 अरब डॉलर का निवेश कर ओडिशा में एक बड़ा एल्युमीनियम प्लांट लगाएंगे।

गौतम अदाणी का बड़ा...- India TV Hindi
गौतम अदाणी का बड़ा प्लान Image Source : ANI

भारत के सबसे बड़े उद्योगपतियों में शामिल गौतम अदाणी अब एल्युमीनियम सेक्टर में बड़ा कदम रखने की तैयारी कर रहे हैं। खबर है कि अदाणी ग्रुप और अबू धाबी की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) मिलकर करीब 11.5 अरब डॉलर (करीब ₹1 लाख करोड़) का निवेश कर ओडिशा में एक विशाल एल्युमीनियम प्लांट लगाने की प्लानिंग बना रहे हैं। अगर यह परियोजना शुरू होती है तो इसका सीधा मुकाबला वेदांता और हिंडाल्को जैसी बड़ी कंपनियों से होगा।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रस्तावित प्लांट की सालाना उत्पादन क्षमता 20 लाख टन (2 मिलियन टन) से अधिक होगी। यह एक इंटीग्रेटेड यूनिट होगी, जिसमें एल्युमीनियम रिफाइनिंग और स्मेल्टिंग दोनों की सुविधा मौजूद रहेगी। इसके साथ ही प्रोजेक्ट में एक कैप्टिव पावर प्लांट भी बनाया जाएगा, ताकि उत्पादन के लिए बिजली की जरूरत आसानी से पूरी की जा सके।

Vedanta और Hindalco के लिए बढ़ेगी चुनौती

अभी भारत के एल्युमीनियम बाजार में वेदांता एल्युमीनियम और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज का दबदबा है। अदाणी ग्रुप की एंट्री से इस सेक्टर में कॉम्पिटिशन और तेज हो सकती है। माना जा रहा है कि इस नए प्लांट के शुरू होने से भारत की कुल एल्युमीनियम उत्पादन क्षमता में करीब 50% तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

क्यों चुना गया ओडिशा?

ओडिशा को इस प्रोजेक्ट के लिए इसलिए चुना गया है क्योंकि देश के करीब 60% बॉक्साइट भंडार इसी राज्य में मौजूद हैं। इसके अलावा अदाणी ग्रुप के स्वामित्व वाला धामरा पोर्ट भी यहीं स्थित है, जिससे कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पाद के निर्यात में आसानी होगी। इससे परियोजना की लॉजिस्टिक्स लागत भी कम रहने की संभावना है।

एल्युमीनियम की मांग तेजी से बढ़ रही है

भारत फिलहाल चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एल्युमीनियम उत्पादक है। पिछले साल देश में करीब 4.2 मिलियन टन एल्युमीनियम का उत्पादन हुआ, जबकि घरेलू खपत 5.5 मिलियन टन रही। आपको बता दें कि बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रिक व्हीकल, रेलवे और निर्माण क्षेत्र की वजह से वर्ष 2030 तक मांग 8.5 मिलियन टन, 2040 तक 18 मिलियन टन और 2047 तक 28 मिलियन टन तक पहुंच सकती है।

मेटल सेक्टर में अदाणी की बढ़ती पकड़

यह मेटल सेक्टर में अदाणी ग्रुप का दूसरा बड़ा कदम होगा। इससे पहले कंपनी गुजरात में कॉपर स्मेल्टर शुरू कर चुकी है। माना जा रहा है कि अदाणी ग्रुप अपने ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग कारोबार के लिए कच्चे माल की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने की रणनीति पर काम कर रहा है। यदि यह मेगा प्रोजेक्ट मंजूरी पाता है, तो भारत के एल्युमीनियम उद्योग में कॉम्पिटिशन का नया दौर शुरू हो सकता है।

यह भी पढ़ें- पोर्ट, पावर, एयरपोर्ट और ग्रीन एनर्जी में Adani का धमाल! गौतम अदाणी ने सुनाया अगले 5 साल का मास्टर प्लान

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा