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इनकम टैक्स छूट के बाद 5 साल में पहली बार मिलेगी यह बड़ी राहत! बस शुक्रवार तक कर लें इंतजार

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Feb 03, 2025 07:26 am IST,  Updated : Feb 03, 2025 07:27 am IST

आर्थिक सर्वेक्षण में उम्मीद जताई गई है कि मार्च में समाप्त होने वाली चौथी तिमाही में खाद्य मुद्रास्फीति में कमी आएगी, जो कि मौसमी रूप से सब्जियों की कीमतों में कमी और खरीफ की फसल की आवक के साथ-साथ रबी की अच्छी पैदावार के कारण संभव हो पाएगा। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2025 में मुद्रास्फीति 4.8% रहने का अनुमान लगाया है।

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गूड न्यूज Image Source : FILE

बजट में 12 लाख रुपये तक इनकम टैक्स फ्री करने से मध्यमवर्ग खुश है। सरकार की ओर से लंबे समय के बाद उसे यह खुशी दी गई है, जिसकी मांग वह काफी अर्से से कर रहा था। हालांकि, खुशियों का यह सिलसिला यहीं रुकने वाला नहीं है। शुक्रवार को उसे एक और बड़ी खुशी मिल सकती है। दरअसल, करीब 5 साल बाद भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। अगर ऐसा हुआ तो होम लोन, कार लोन समेत सभी तरह के लोन की EMI घट जाएगी। 

मई 2020 के बाद यह पहली कटौती होगी

अर्थशास्त्रियों का मनना है कि सुस्त हो रहे जीडीपी ग्रोथ को तेज करने के लिए आरबीआई 2020 के बाद पहली बार फरवरी की मौद्रिक पॉलिसी में रेपो रेट में कटौती करेगा। अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि 7 फरवरी (शुक्रवार) को जब मौद्रिक नीति समिति अपनी समीक्षा पूरी करेगी, तब आरबीआई रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती करेगा। यह 5 साल में पहली बार दर में कटौती होगी।

सरकार की ओर से रेट कट का दबाव 

वित्त सचिव तुहिन कांता पांडे ने रविवार को कहा कि सरकार अपनी राजकोषीय नीति के साथ ही विकास को बढ़ावा दे रही है। इसलिए यह भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा दरों में कटौती के लिए “उचित समय” है। उन्होंने कहा, “घरेलू और बाहरी दोनों स्तरों पर मुद्रास्फीति कम हो रही है।” अधिकारी ने कहा कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंक दरों में कटौती कर रहे हैं क्योंकि मुद्रास्फीति कम हो रही है। “हम राजकोषीय घाटे को बनाए रख रहे हैं, क्योंकि अगर हम ऐसा नहीं करते हैं, तो यह मुद्रास्फीतिकारी हो सकता है। हमने आयकर राहत सहित कई उपायों के माध्यम से खपत को बढ़ावा देने के प्रयास में भी अपना योगदान दिया है। अब लोग मौद्रिक नीति के दृष्टिकोण से उपायों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

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