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बांग्लादेश में बवाल से परिधानों के ऑर्डर आ सकते हैं भारत, एक्सपोर्टर्स ने कहा- फायदा उठाने की कोई इच्छा नहीं

 Edited By: Sourabha Suman
 Published : Aug 06, 2024 10:55 pm IST,  Updated : Aug 06, 2024 10:57 pm IST

भारतीय एक्सपोर्टर्स ने कहा कि बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति सभी निर्यातकों के लिए बड़ी चिंता का विषय है। हम चाहते हैं कि स्थिति जल्द स्थिर हो जाए और सामान्य कारोबार दोबारा शुरू हो।

पड़ोसी देश में राजनीतिक संकट समय पर भुगतान को प्रभावित करेगा। - India TV Hindi
पड़ोसी देश में राजनीतिक संकट समय पर भुगतान को प्रभावित करेगा। Image Source : REUTERS

भारतीय निर्यातकों (एक्सपोर्टर्स) का मानना है कि मौजूदा हालात में परिधान मैनुफैक्चरिंग के ऑर्डर कम समय में बांग्लादेश से भारत का रुख कर सकते हैं। वैसे एक्सपोर्टर्स ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि बिगड़े हालात के बीच उनका मित्र पड़ोसी देश में पैदा हुई दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति का फायदा उठाने का कोई इरादा या इच्छा नहीं है। भाषा की खबर के मुताबिक, बांग्लादेश परिधानों (अपैरल) की मैनुफैक्चरिंग केप्रमुख देशों में से एक है। यह परिधान बनाने के लिए भारत से बड़े पैमाने पर कपास का आयात करता है।

सभी निर्यातकों के लिए बड़ी चिंता का विषय

खबर के मुताबिक, छात्रों का आंदोलन बेकाबू हो जाने की वजह से प्रधानमंत्री शेख हसीना को सोमवार को पद से इस्तीफा देने के साथ देश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। विरोध प्रदर्शनों में 400 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। परिधान निर्यात संवर्द्धन परिषद (एईपीसी) के महासचिव मिथिलेश्वर ठाकुर ने कहा कि बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति सभी निर्यातकों के लिए बड़ी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि स्थिति जल्द स्थिर हो जाए और सामान्य कारोबार दोबारा शुरू हो। ठाकुर ने कहा कि इस स्थिति का फायदा उठाने का कोई इरादा नहीं है।

भुगतान प्रभावित होगा

भारतीय परिधान उद्योग अपनी काबिलियत के दम पर रेडिमेड कपड़ों का निर्यात बढ़ाने के लिए गंभीर प्रयास कर रहा है। हालांकि, इसकी काफी संभावना है कि अल्पावधि में परिधान ऑर्डर भारत में शिफ्ट हो सकते हैं और भारतीय परिधान उद्योग को इस गंभीर अड़चन के चलते पैदा हुए अंतर को भरने के लिए कहा जा सकता है। लुधियाना स्थित निर्यातक एस सी रल्हन ने कहा कि पड़ोसी देश में राजनीतिक संकट समय पर भुगतान को प्रभावित करेगा। उन्होंने कहा कि स्थिति के सामान्य होने से माल की सुचारू आवाजाही में मदद मिलेगी।

भारत-बांग्लादेश के बीच कारोबार

रल्हन ने कहा कि बांग्लादेश में विनिर्माण इकाइयां संचालित करने वाली भारतीय कंपनियों को भी इसका असर झेलना पड़ेगा। इसके अलावा समय पर भुगतान का दबाव भी होगा। बांग्लादेश को भारत का निर्यात 2023-24 में घटकर 11 अरब डॉलर रह गया, जो 2022-23 में 12.21 अरब डॉलर था। पिछले वित्त वर्ष में आयात भी घटकर 1.84 अरब डॉलर हो गया जो 2022-23 में दो अरब डॉलर था। भारत बांग्लादेश को मुख्य रूप से सब्जियां, कॉफी, चाय, मसाले, चीनी, कन्फेक्शनरी, रिफाइंड पेट्रोलियम तेल, रसायन, कपास, लोहा एवं इस्पात और वाहनों का निर्यात करता है जबकि मछली, प्लास्टिक, चमड़ा और परिधान का आयात करता है।

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