बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में एक बड़ा ऐलान करते हुए गंगा नदी के किनारे करीब 126 किलोमीटर लंबे मरीन ड्राइव के निर्माण की योजना की जानकारी दी है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब ₹70,000 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। सरकार का कहना है कि इससे राज्य में कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
पटना के ज्ञान भवन में आयोजित रोजगार मेले के समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट में ₹20,000 करोड़ बिहार सरकार की ओर से लगाए जाएंगे, जबकि करीब ₹50,000 करोड़ का निवेश निजी क्षेत्र से आने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य इस परियोजना के जरिए गंगा किनारे के इलाकों में विकास को बढ़ावा देना और रोजगार के नए रास्ते खोलना है।
कोइलवर से शुरू होकर गंगा किनारे आगे बढ़ेगा मरीन ड्राइव
मुख्यमंत्री के मुताबिक नया मरीन ड्राइव सोन नदी पर स्थित कोइलवर से शुरू होकर गंगा के किनारे करीब 126 किलोमीटर तक विकसित किया जाएगा। इससे बिहार में सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ नदी किनारे के कई क्षेत्रों के विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
पटना का 21 किलोमीटर मरीन ड्राइव पहले ही हो चुका है पूरा
बिहार में मरीन ड्राइव का मौजूदा प्रोजेक्ट करीब 21 किलोमीटर लंबा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इसकी शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2013 में की थी और यह 2025 में करीब ₹6,000 करोड़ की लागत से पूरा हुआ। अब सरकार इसी मॉडल को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने की तैयारी में है। नए 126 किलोमीटर के प्रोजेक्ट से मौजूदा मरीन ड्राइव का दायरा काफी बढ़ जाएगा।
रोजगार के भी खुलेंगे नए रास्ते
सरकार के मुताबिक इस परियोजना का मकसद केवल सड़क या नदी किनारे का विकास करना नहीं है, बल्कि इसके साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करना भी है। निजी क्षेत्र से बड़े निवेश के आने की उम्मीद है, जिससे अलग-अलग क्षेत्रों में नई सुविधाएं और आर्थिक गतिविधियां विकसित हो सकती हैं।
इनपुट- ANI