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थोक जमा की लिमिट ₹2 करोड़ से बढ़ाकर ₹3 करोड़ हुई, RBI ने दी सुविधा

 Published : Jun 07, 2024 01:10 pm IST,  Updated : Jun 07, 2024 01:10 pm IST

आरबीआई ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) 1999 के तहत वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात और आयात के लिए दिशानिर्देशों को युक्तिसंगत बनाने का प्रस्ताव भी किया है।

अधिकृत डीलर बैंकों को परिचालन में अधिक जुझारू क्षमता मिलेगी। - India TV Hindi
अधिकृत डीलर बैंकों को परिचालन में अधिक जुझारू क्षमता मिलेगी। Image Source : FILE

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को थोक सावधि जमा की सीमा मौजूदा दो करोड़ रुपये से बढ़ाकर तीन करोड़ रुपये करने की घोषणा की। थोक सावधि जमा पर खुदरा सावधि जमा की तुलना में थोड़ा अधिक ब्याज मिलता है, क्योंकि बैंक अपनी नकदी प्रबंधन प्रक्रिया के तहत अलग-अलग दरें प्रदान करते हैं। अब अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) और लघु वित्त बैंकों (एसएफबी) के पास दो करोड़ रुपये तक की एकल रुपया सावधि जमा, खुदरा सावधि जमा का हिस्सा होगी।

थोक जमा की परिभाषा को संशोधित करने का प्रस्ताव

खबर के मुताबिक, आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने द्विमासिक नीति की घोषणा करते हुए शुक्रवार को कहा कि थोक जमा सीमा की समीक्षा के संबंध में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (आरआरबी को छोड़कर) और एसएफबी के लिए तीन करोड़ रुपये और उससे ज्यादा की एकल रुपया सावधि जमा के रूप में थोक जमा की परिभाषा को संशोधित करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, स्थानीय क्षेत्र बैंकों के लिए थोक जमा सीमा को एक करोड़ रुपये और उससे अधिक की एकल रुपया सावधि जमा के रूप में परिभाषित करने का भी प्रस्ताव है, जैसा कि आरआरबी (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक) के मामले में लागू है।

फेमा गाइडलाइंस को युक्तिसंगत बनाने का प्रस्ताव

कारोबार को आसान बनाने के लिए आरबीआई ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) 1999 के तहत वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात और आयात के लिए दिशानिर्देशों को युक्तिसंगत बनाने का प्रस्ताव भी किया है। दास ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार की बदलती स्थिति को देखते हुए और विदेशी मुद्रा विनियमन के प्रगतिशील उदारीकरण के मुताबिक वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात और आयात पर मौजूदा फेमा गाइडलाइंस को युक्तिसंगत बनाने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि इससे कारोबार सुगमता को बढ़ावा मिलेगा। अधिकृत डीलर बैंकों को परिचालन में अधिक जुझारू क्षमता मिलेगी। हितधारकों की प्रतिक्रिया के लिए जल्द ही मसौदा दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे।

डिजिटल पेमेंट इंटेलीजेंस प्लेटफॉर्म स्थापित होगा

डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के संबंध में दास ने कहा कि डिजिटल भुगतान परिवेश में नेटवर्क स्तर की खुफिया जानकारी और तत्काल आधार पर आंकड़ों को साझा करने के लिए एक डिजिटल पेमेंट इंटेलीजेंस प्लेटफॉर्म स्थापित करने का प्रस्ताव है। हालांकि, उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के मद्देनजर एक एक प्रणाली-व्यापी दृष्टिकोण की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इसलिए, डिजिटल भुगतान परिवेश में नेटवर्क स्तर की खुफिया जानकारी और तत्काल आधार पर आंकड़ों को साझा करने के लिए एक डिजिटल भुगतान आसूचना मंच स्थापित करने का प्रस्ताव है।

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