आरबीआई गवर्नर ने कहा कि नवाचार और वृद्धि को बढ़ावा देना, उपभोक्ताओं की रक्षा करना, विनियमन और पर्यवेक्षण के लिए एक व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाना जो वित्तीय प्रणाली की दक्षता में सुधार करता है, समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।
गवर्नर ये स्पष्ट किया कि आगे चलकर वृद्धि की रफ्तार कुछ नरम पड़ेगी और महंगाई बढ़कर आरबीआई के 4 प्रतिशत के लक्ष्य के करीब पहुंचेगी।
भारतीय रिजर्व बैंक ने इस साल रेपो रेट में 5 बार में 1.25 प्रतिशत की कटौती की। रिजर्व बैंक ने इस साल रेपो रेट में सबसे पहले फरवरी में 0.25 प्रतिशत, अप्रैल में 0.25 प्रतिशत, जून में 0.50 प्रतिशत और फिर दिसंबर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की।
केंद्रीय बैंक ने प्रभावित बैंक के जमाकर्ताओं को बड़ा आश्वासन दिया है। बैंक ने स्पष्ट किया कि योग्य जमाकर्ताओं को डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के नियमों के तहत प्रति जमाकर्ता प्रति बैंक अधिकतम ₹5 लाख तक की जमा राशि पूरी तरह सुरक्षित है और इसका बीमा लाभ मिलेगा।
भारतीय रिजर्व बैंक के सभी प्रतिबंध मंगलवार को बैंक बंद होने के साथ ही लागू हो चुके हैं और अगले 6 महीने तक लागू रहेंगे।
कर्मचारी संघ ने आरबीआई के मुद्रा प्रबंधन विभाग के प्रभारी डिप्टी गवर्नर टी. रबी शंकर को लिखे पत्र में कहा कि एटीएम से निकलने वाले ज्यादातर नोट ज्यादा रकम के ही होते हैं।
आरबीआई अधिनियम, 1934 की धारा 45-IA (6) के तहत आरबीआई को मिली शक्तियों के अनुसार यह एक्शन लिया गया है। आरबीआई द्वारा जारी निर्देशों की अवहेलना के कारण भी इन पर कार्रवाई हुई है।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने हाल ही में इन सिक्कों को भुगतान के रूप में स्वीकार करने की अपील की है और बताया है कि ये सभी सिक्के मान्य हैं। इसको लेकर कोई दुविधा नहीं होनी चाहिए।
मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक 3-5 दिसंबर 2025 तक होनी है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा 5 दिसंबर को समिति के फैसलों की घोषणा करेंगे।
RBI के अनुसार एचडीएफसी बैंक में कुछ अनियमितताएं पाई गईं, जिनमें बैंक ने एक ही कैटेगरी के लोन पर कई बेंचमार्क अपनाए, जो दिशा-निर्देशों के विरुद्ध है। RBI ने कहा कि यह जुर्माना केवल नियामकीय कमियों पर आधारित है।
लोगों के मोबाइल फोन पर RBI के नाम से वॉइसमेल आ रहे हैं। इस वॉइसमेल में लोगों को चेतावनी दी जा रही है कि उनका बैंक खाता ब्लॉक कर दिया जाएगा।
आरबीआई ने आवेदन लौटाने के ठोस कारण स्पष्ट रूप से नहीं बताए हैं। हालांकि बैंक का कहना है कि यह 'रिटर्न' है, न कि 'रिजेक्शन'। बैंक अब इस सप्ताह आरबीआई के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात करेगा।
केंद्रीय बैंक ने कहा कि मसौदा 'भारतीय रिजर्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - पूंजी बाजार ऋण) दिशानिर्देश, 2025' ऐसे लोन को नियंत्रित करने वाले नियमों को तर्कसंगत और एकीकृत करने का प्रयास करता है।
आरबीआई का घोषित रुख ये है कि वो रुपये-डॉलर एक्सचेंज रेट के किसी स्तर या दायरे को लक्षित नहीं करता बल्कि विदेशी मुद्रा बाजार में केवल तभी हस्तक्षेप करता है जब अत्यधिक अस्थिरता हो।
वित्त मंत्री ने अधिकारियों से 3 महीने के अभियान के दौरान इन बिना दावे वाली संपत्तियों को उनके असली मालिकों तक पहुंचाने के लिए तीन पहलुओं- जागरूकता, पहुंच और कार्रवाई - पर काम करने का आग्रह किया।
पुराने नियम के तहत, चेक ट्रंकेशन सिस्टम (सीटीएस) 2 दिनों के साइकल में चेक की प्रोसेसिंग करता था। सीटीएस चेक क्लियरेंस का एक इलेक्ट्रॉनिक प्रोसेस है।
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि 2025-26 के दौरान अब तक मुद्रास्फीति की स्थिति अनुकूल बनी हुई है, और वास्तविक परिणाम अनुमान से काफी कम रहे हैं।
29 सितंबर से जारी एमपीसी की मीटिंग का आज आखिरी दिन है, जिसमें आरबीआई गवर्नर ने यह ऐलान किया।
तत्काल बदलावों से बैंकों को लोन देने में ज्यादा छूट मिलेगी। ब्याज दरों के अंतर को अब जल्दी समायोजित किया जा सकता है और कुछ ग्राहक शुल्कों में 3 साल के लिए लॉक-इन के बजाय कभी भी कटौती की जा सकती है।
RBI अधिनियम, 1934 के अनुसार, केंद्रीय बैंक में चार डिप्टी गवर्नर होने चाहिए-दो अपने ही रैंक से, एक वाणिज्यिक बैंकिंग क्षेत्र से, और एक अर्थशास्त्री जो मौद्रिक नीति विभाग का नेतृत्व करे।
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