वायदा बाजार में गुरुवार को सोने और चांदी की कीमत में फिर गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स में सुबह 9 बजकर 58 मिनट पर फरवरी डिलीवरी अनुबंध के लिए सोने का दाम बीते सत्र के मुकाबले 0.56 प्रतिशत टूटकर 1,37,238 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर आ गया। इसी समय, मार्च डिलीवरी अनुंबध के लिए चांदी की कीमत में बीते सत्र के मुकाबले 0.84 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 2,48,491 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। वैश्विक उथल-पुथल का सोने के दाम पर भी असर देखा जा रहा है।
महानगरों में सोने का हाजिर दाम आज
- goodreturns के मुताबिक, दिल्ली में 8 जनवरी को सोने का भाव 24 कैरेट सोने के लिए ₹13,815 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोने के लिए ₹12,665 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोने के लिए ₹10,365 प्रति ग्राम है।
- मुंबई में आज सोने का भाव 24 कैरेट सोने के लिए ₹13,800 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोने के लिए ₹12,650 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोने के लिए ₹10,350 प्रति gram है।
- कोलकाता में आज सोने का भाव 24 कैरेट सोने के लिए ₹13,800 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोने के लिए ₹12,650 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोने के लिए ₹10,350 प्रति ग्राम है।
- चेन्नई में आज सोने का भाव 24 कैरेट सोने के लिए ₹13,909 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोने के लिए ₹12,750 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोने के लिए ₹10,640 प्रति ग्राम है।
- आज बैंगलोर में सोने का भाव 24 कैरेट सोने के लिए ₹13,800 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोने के लिए ₹12,650 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोने के लिए ₹10,350 प्रति ग्राम है।
ग्लोबल मार्केट में सोने का रुझान
tradingeconomics के मुताबिक, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में गुरुवार को सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई और यह करीब 4,440 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गया। यह गिरावट पिछले सत्र में हुए नुकसान के बाद देखने को मिली, क्योंकि निवेशक अमेरिका के मिले-जुले आर्थिक आंकड़ों का आकलन कर रहे हैं, जबकि भू-राजनीतिक घटनाक्रम भी बाजार की नजर में बने हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक नवंबर में जॉब ओपनिंग्स अनुमान से ज्यादा घटीं, जो श्रम बाजार में मांग के कमजोर होने का संकेत देती हैं। वहीं दिसंबर में प्राइवेट पेरोल्स में बढ़ोतरी भी उम्मीद से कम रही। हालांकि, आईएसएम के आंकड़ों में सर्विस सेक्टर की ग्रोथ अनुमान से बेहतर दर्ज की गई।
अब निवेशकों की नजर शुक्रवार को जारी होने वाली नॉन-फार्म पेरोल रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे अमेरिकी केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति को लेकर संकेत मिल सकते हैं। बाजार इस साल दो बार ब्याज दरों में कटौती की संभावना को पहले ही कीमतों में शामिल कर चुका है।






































