भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक्सचेंज रेट में जारी उतार-चढ़ाव को कंट्रोल करने और अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपये के मूल्य में गिरावट को रोकने के लिए अगस्त में 7.7 अरब अमेरिकी डॉलर बेचे। आरबीआई के लेटेस्ट बुलेटिन में छपी अमेरिकी डॉलर की बिक्री/खरीद के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में भारतीय रिजर्व बैंक की अमेरिकी डॉलर की शुद्ध बिक्री 7.69 अरब अमेरिकी डॉलर रही जो पिछले महीने की तुलना में लगभग तीन गुना है। आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय बैंक ने जुलाई और अगस्त में अमेरिकी डॉलर नहीं खरीदे।
अत्यधिक अस्थिरता होने पर ही विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करता है आरबीआई
आरबीआई का घोषित रुख ये है कि वो रुपये-डॉलर एक्सचेंज रेट के किसी स्तर या दायरे को लक्षित नहीं करता बल्कि विदेशी मुद्रा बाजार में केवल तभी हस्तक्षेप करता है जब अत्यधिक अस्थिरता हो। अगस्त में डॉलर के मुकाबले रुपये में बड़ी गिरावट आई थी। इसके बाद बढ़ते व्यापार तनाव, बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं और लगातार विदेशी पोर्टफोलियो निवेश की निकासी के बीच सितंबर में भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में गिरावट दर्ज की गई थी।
सोमवार को बढ़त के साथ बंद हुआ था रुपया
सोमवार को विदेशी निवेशकों की खरीदारी और कच्चे तेल की कीमतों में कमी के कारण अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 9 पैसे बढ़कर 87.93 रुपये (अनंतिम) के भाव पर बंद हुआ। विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक धारणा ने स्थानीय मुद्रा को और समर्थन दिया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 87.94 पर खुला। दिन के कारोबार में ये 87.74 के ऊपरी ओर 87.94 के निचले स्तर तक पहुंचा।
शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले 88.02 पर बंद हुआ था रुपया
कारोबार के अंत में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 87.93 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 9 पैसे की बढ़त दर्शाता है। रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 88.02 पर बंद हुआ था। इस बीच, 6 प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.1 प्रतिशत बढ़कर 98.53 पर पहुंच गया।



































