नई दिल्ली: दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध ढांचा गिराए जाने के दौरान हुए पथराव मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने CCTV कैमरा फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर पथराव करने वाले 30 लोगों की पहचान कर ली है। इन लोगों को हिरासत में लेने के लिए पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं। बता दें कि पथराव की यह घटना मंगलवार रात की है, जब अवैध ढांचा हटाने के दौरान उपद्रव शुरू हो गया। पुलिस ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने घटना की जांच के लिए बनाई कई टीमें
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के नाम मोहम्मद शाहनवाज, मोहम्मद आरिब, मोहम्मद काशिफ, मोहम्मद अदनान और मोहम्मद कैफ हैं। इन सभी को पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के घर पर पेश किया, जहां से उन्हें एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। बाद में पुलिस ने 6 और आरोपियों को गिरफ्तार किया जिससे अरेस्ट हुए कुल लोगों की संख्या 11 पर पहुंच गई। दिल्ली पुलिस इस मामले की जांच को तेजी से आगे बढ़ा रही है। पुलिस ने घटना की जांच के लिए कई टीमें बनाई हैं जिनमें एक टीम CCTV फुटेज के जरिए पथराव करने वालों की पहचान कर रही है, जबकि दूसरी टीम सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और पोस्ट की जांच कर रही है।
लोकल लोगों के साथ बाहरी लोग भी शामिल
अब तक की जांच से पता चला है कि इस हिंसा में लोकल लोगों के साथ-साथ कुछ बाहरी लोग भी शामिल थे। पुलिस को इस मामले में एक-दो राजनीतिक लोगों के बारे में भी जानकारी मिली है। पुलिस ने दो से तीन ऐसे लोगों की पहचान भी कर ली है, जिन पर हिंसा भड़काने का आरोप है। हालांकि, पुलिस ने फिलहाल इनके नाम बताने से इनकार कर दिया है। बताया जा रहा है कि पुलिस के पास ऐसे 400 से ज्यादा वीडियो हैं जिनकी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी पर उठे सवाल
इस मामले में समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी की मौजूदगी पर भी सवाल उठ रहे है और पुलिस ने इस मामले में भी जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि अगर जांच में कुछ सामने आता है, तो कार्रवाई की जाएगी। यह साफ हो चुका है कि पथराव शुरू होने से पहले रात बारह बजे सांसद नदवी भी मौके पर पहुंचे थे। उनके पहुंचने के वीडियो पुलिस के पास हैं। हालांकि, सांसद नदवी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि वे लोगों के बुलाने पर वहां गए थे और पथराव से उनका कोई लेना-देना नहीं है।


