नई दिल्ली: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की परेशानी बढ़ सकती हैं। वह किसी भी समय गिरफ्तार हो सकते हैं। उनके खिलाफ बच्चों के यौन शोषण के आरोप में FIR दर्ज की गई है और कोर्ट के आदेश पर पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामले में आरोपी की गिरफ्तारी तय होती है और उसमें एंटी सेपेट्री बेल का प्रोविजन भी नहीं होता।
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ऐसे में INDIA TV ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से बात करके उनका पक्ष जानना चाहा लेकिन इंडिया टीवी के तीखे सवालों को सुनकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद नाराज हो गए और इंटरव्यू को बीच में ही छोड़ दिया। इसका वीडियो भी है, जिसमें स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को सवाल का जवाब ना देते हुए देखा जा सकता है।
इंटरव्यू के दौरान क्या हुआ था?
दरअसल इंडिया टीवी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से इंटरव्यू के दौरान पूछा कि आपके ऊपर जो आरोप लगे हैं, वह बेहद संगीन हैं। अगर हम धाराओं की बात करें तो बीएनएस की धारा 351 (3), पॉक्सो एक्ट की धारा 5 और धारा 6 और धारा 3 लगी हैं। ये जो धाराएं हैं इसमें डर पैदा करना, दबाव डालना, शक्ति का गलत इस्तेमाल, यौन अपराध करना और बच्चों के साथ गंभीर यौन शोषण करना शामिल है। आप इन आरोपों को लेकर क्या कहेंगे?
इस सवाल के जवाब में अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, "ये सभी झूठे आरोप हैं। गढ़ी हुई कहानी के माध्यम से इन्हें हम पर लगाने का प्रयास किया जा रहा है। न्यायालय में ये प्रकरण है और उसमें हम अपना जवाब अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से दे रहे हैं।"
अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, "हम पॉक्सो एक्ट के बारे में नहीं जानते थे लेकिन अब जान गए हैं। गिरफ्तारी सोद्देश्य होती है, निरुद्देश्य नहीं होती है कि गिरफ्तारी कर लो। गिरफ्तारी का उद्देश्य होता है कि एविडेंस नष्ट ना हों, मेडिकल टेस्ट करवाया जाए और आरोपी भाग ना जाए। हमारी स्थिति में ये तीनों कारण यहां मौजूद नहीं हैं। एविडेंस के लिए कहा गया कि माघ मेले में ये घटना हुई है। माघ मेला उखड़ चुका है। मेडिकल टेस्ट की जो बात है, वो तत्काल होनी चाहिए, वो हो नहीं सकता क्योंकि इतना लंबा समय बीत चुका है। जहां तक हमारे भागने की बात है, हम तो उपलब्ध हैं। भागने का कोई सवाल ही नहीं है। इसलिए गिरफ्तारी का जो उद्देश्य है, वो यहां पूरा नहीं होता है। इसलिए गिरफ्तारी क्यों होगी?"
इंडिया टीवी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछा, "कोर्ट ने झूसी के एसएचओ को कहा कि तहरीर के मुताबिक एफआईआर करें। आपने भी अपने वकीलों से बातचीत की होगी। जब कोर्ट का आदेश सीधा-सीधा है तो आपके खिलाफ साजिश कौन कर रहा है?"
इंडिया टीवी के इसी सवाल को सुनने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इंटरव्यू को बीच में ही छोड़ दिया।