शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले पर राजनीति थमने का नाम नहीं ले रही है। अब एक व्यक्ति ने आशुतोष ब्रह्मचारी पर झूठा केस दर्ज कराने का आरोप लगाया है। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरनन्द की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरदोई के रमा शंकर दीक्षित पहुंचे। वह फिलहाल शाहजंहापुर में रहते हैं। उनकी तीन बेटी हैं। उनका आरोप है कि आशुतोष ब्रह्मचारी ने इन्हें लालच दिया कि ये बच्चियों की तरफ से अविमुक्तेश्ववरानन्द पर यौन उत्पीड़न लगवा दें, लेकिन ये आरोप लगवाने को तैयार नहीं हुए।
इससे पहले भी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के कई समर्थकों ने आशुतोष ब्रह्मचारी पर झूठा केस करने के आरोप लगाए हैं। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने भी अविमुक्तेश्वरानंद पर लगे आरोपों के खिलाफ निष्पक्ष जांच की मांग की है। अजय राय ने इस मामले में पीएम मोदी को पत्र लिखा है।
प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ पिछले एक साल में एक नाबालिग समेत दो व्यक्तियों के यौन शोषण के आरोपों को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्रयागराज की पॉक्सो अदालत ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने स्वामी विमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, बाल यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) कानून और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गयी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद के अलावा दो-तीन अज्ञात लोगों पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है। प्राथमिकी के अनुसार, वादी आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने दावा किया कि हाल में प्रयागराज में संपन्न माघ मेले में उनके ट्रस्ट द्वारा आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान एक नाबालिग लड़के समेत दो लोग आए और उन्होंने माघ मेले समेत धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान तथा एक गुरुकुल में उनके यौन शोषण के आरोप लगाए। इसमें आरोप लगाया गया है कि ये कृत्य ''गुरु सेवा'' की आड़ में और धार्मिक प्रभाव का दुरुपयोग करके किए गए थे।
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