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छात्रों को सफलता पाने के लिए प्रेमानंद महाराज ने दिया खास मंत्र, रोज 10 मिनट ये काम करने से तरक्की की ऊंचाइयों पर पहुंचेंगे

 Written By: Bharti Singh @bhartinisheeth
 Published : Feb 23, 2026 01:03 pm IST,  Updated : Feb 23, 2026 01:03 pm IST

Premanand Maharaj Quotes For Students: छात्रों को जीवन में सफलता पाने के लिए प्रेमानंद महाराज जी ने खास मंत्र बताया। रोजाना सिर्फ 10 मिनट ये काम करने से जीवन में सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंचेंगे। छात्रों को करना चाहिए इन नियमों का पालन।

प्रेमानंद महाराज ने बताया छात्रों को सफलता का मंत्र- India TV Hindi
प्रेमानंद महाराज ने बताया छात्रों को सफलता का मंत्र Image Source : YOU TUBE GRAB: BHAJAN MARG

आज के छात्र ही कल देश का भविष्य बनते हैं। लेकिन आज के दौर में स्टूडेंट्स तनाव और बढ़ते कॉम्पटीशन के प्रेशर को झेल नहीं पाते। कई बार परीक्षा में हार जीवन में इतनी निराशा पैदा कर देती है कि छात्र डिप्रेशन में चले जाते हैं और मौत को गले लगा लेते हैं। ऐसे में छात्रों को निराश होने की बजाय संयम से काम लेना चाहिए। खुद प्रेमानंद महाराज ने भी छात्रों को जीवन में संयम बरतने की बात रही है। जो जीवन के हर पड़ाव पर जरूरी है। अगर आप स्टूडेंट हैं तो प्रेमानंद महाराज की कही ये बातें जीवन में गांठ बांध लेनी चाहिए। आप निश्चय की सफलता हासिल करेंगे।

प्रेमानंद महाराज ने छात्रों को बताया सफलता का मंत्र

  • प्रेमानंद महाराज ने बताया कि यदि हमारा आचरण पवित्र नहीं है तो हम किसी भी मार्ग में सफल नहीं हो सकते हैं। ऊंचाई पर पहुंचने में पूरा जीवन लग जाता है लेकिन फिसलने में एक मिनट में नीचे आ जाते हैं।

  • बिना ब्रह्मचर्य के किसी भी ऊंचाई पर नहीं चढ़ा जा सकता, अगर गृहस्थ में भी जाना है तो जब तक पाणिग्रहण संस्कार न हो तब तक आपको एक वैरागी जैसे जीवन में रहना चाहिए। पहले बच्चों को गुरुकुल में इसीलिए रखा जाता था कि वो अपने ब्रह्मचर्य को पुष्ट कर सकें।

  • गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड का जो चलन है ये ऐसा जहर है कि इसे खा लिया तो न गृहस्थ लायक रहोगे न ब्रह्मचर्य के काबिल रहोगे। कोई अगर इस राह पर है तो उसे अभी छोड़ देना। गलत आचरण से आप खुद दुखी होगे और इससे आपके माता पिता भी दुखी होंगे।

  • हम जो बोलते हैं, जो देखते हैं और जो सुनते हैं वही हमारा चिंतन होता है। और जो चिंतन होता है वैसी हमारी आदत बन जाती है। वैसी क्रिया हम करने लगते हैं। इसलिए गलत लोगों की संगत तुरंत छोड़ दें।

  • ब्रह्मचर्य का पालन करने के लिए व्यायाम आवश्यक है। व्यायाम नहीं करोगे तो किसी काम के लायक नहीं रहोगे। इसके लिए सुबह उठकर व्यायाम करें और फिर जैसे एक तपस्वी तपस्या करता है वैसे विद्यार्थी को विद्या का अध्ययन करना चाहिए।

  • पढ़ाई आपके लिए जीवन में बहुत बड़ी साधना बन जाएगी, भले ही आपकी नौकरी न लगे, लेकिन एक पढ़ा लिखा व्यक्ति और एक अनपढ़ व्यक्ति के व्यवहार में बहुत अंतर होता है। विद्या विनयम ददाति, यानि विद्या हमे विनम्र बनाती है। ऐसा व्यक्ति माता पिता और समाज की सेवा लायक होता है।

  • दिनभर में 5 या 10 मिनट के लिए नाम जप कर लो। आप जिस भगवान को मानते हो उसका नाम जप कर लें। अगर समय नहीं है तो स्कूल जा रहे हैं उस वक्त बात करने की बजाय नाम जप करते जाएं।

  • कभी फेल हो जाओ तो निराश मत होना। एक बार फेल हुए लेकिन हम अच्छी पढ़ाई करेंगे। कई बार बच्चे माता पिता की डांट या दोस्तों के उपहास के कारण शरीर को नष्ट कर देते हैं। ऐसा सभी नहीं करना चाहिए। ये दोष कभी नहीं आने देना है। एक बार हार गए हम फिर से कोशिश करेंगे। हम भगवान का अंश हैं एक दिन जरूर सफल होंगे।

 

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