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'सीरिया और लेबनान से सेना को हटाएं', जानें ट्रंप के आग्रह पर क्या बोला इजरायल

 Written By: Vineet Kumar Singh @VickyOnX
 Published : Jul 15, 2026 01:57 pm IST,  Updated : Jul 15, 2026 01:57 pm IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से दक्षिणी सीरिया और लेबनान से इजरायली सेना हटाने का आग्रह किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप के आग्रह पर नेतन्याहू ने सीमा सुरक्षा का हवाला देते हुए असहमति जताई है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू। Image Source : AP

Highlights

  • ट्रंप ने नेतन्याहू से सीरिया और लेबनान से सेना हटाने का आग्रह किया।
  • नेतन्याहू बोले, सीमा सुरक्षा के लिए दक्षिणी इलाकों में सैन्य मौजूदगी जरूरी है।
  • अमेरिका दोनों देशों के बीच नए सुरक्षा समझौते पर लगातार कोशिशें कर रहा है।

वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से टेलीफोन पर बातचीत के दौरान दक्षिणी सीरिया और दक्षिणी लेबनान से इजरायली सेना हटाने का आग्रह किया था। अमेरिकी न्यूज वेबसाइट एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने कहा कि इन क्षेत्रों में इजरायल की लगातार सैन्य मौजूदगी से पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ सकता है। रिपोर्ट में अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि ट्रंप ने नेतन्याहू से कहा, 'वे आपको वहां नहीं चाहते। आपको अपनी सेना वापस बुला लेनी चाहिए।' एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, ट्रंप ने दक्षिणी लेबनान में तैनात इजरायली सेना के संबंध में भी यही संदेश दिया।

सीरियाई नेता से मिलने के बाद ट्रंप ने किया आग्रह

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बातचीत उस दिन के एक दिन बाद हुई, जब ट्रंप ने तुर्किये में आयोजित NATO समिट के दौरान सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शारा से मुलाकात की थी। सम्मेलन के दौरान अमेरिका ने इजरायल और सीरिया के बीच नई सुरक्षा व्यवस्था तैयार करने की दिशा में भी पहल की। हालांकि व्हाइट हाउस ने इस फोन बातचीत के विवरण पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन रिपोर्ट का खंडन भी नहीं किया। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नेतन्याहू के बीच मजबूत संबंध हैं। उन्होंने कहा कि इजरायल हमेशा अमेरिका का करीबी सहयोगी रहा है और ट्रंप इजरायल के बड़े समर्थक होने के साथ शांति स्थापित करने के भी पक्षधर हैं।

नेतन्याहू ने ट्रंप के सुझाव से जताई असहमति

बताया जा रहा है कि नेतन्याहू ने ट्रंप के सुझाव से असहमति जताई। उनका कहना था कि दक्षिणी सीरिया और दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना की मौजूदगी देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए जरूरी है। इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी बयान जारी कर कहा कि प्रधानमंत्री ने इजरायल की सीमाओं के पास 'सुरक्षा क्षेत्र' बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका पिछले कई महीनों से इजरायल और सीरिया के बीच नए सुरक्षा समझौते की कोशिश कर रहा है। हालांकि अभी यह देखना बाकी है कि अमेरिका को अपनी कोशिशों में किस हद तक कामयाबी मिलती है।

इजरायली सेना की मौजूदगी पर उबला सीरिया

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि दिसंबर 2024 में बशर अल-असद सरकार के पतन के बाद इजरायल ने जिन इलाकों में सैन्य तैनाती बढ़ाई थी, वहां से चरणबद्ध तरीके से सेना हटाने का प्रस्ताव दिया गया है। हालांकि वॉशिंगटन का मानना है कि नेतन्याहू फिलहाल इस दिशा में कोई बड़ा रणनीतिक समझौता करने के इच्छुक नहीं हैं। हाल के दिनों में दक्षिणी सीरिया में इजरायली सेना ने हमले किए हैं जिसके बाद IDF के खिलाफ स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किए और कुछ जगहों पर सेना के साथ झड़पें भी हुईं। यही वजह है कि इस मुद्दे की संवेदनशीलता और बढ़ गई है।

इजरायल और लेबनान के बीच दोबारा वार्ता

इसी बीच अमेरिका की मध्यस्थता में इजरायल और लेबनान के बीच भी मंगलवार को रोम में वार्ता दोबारा शुरू हुई। दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने कुछ सप्ताह पहले तैयार किए गए एक प्रारंभिक समझौते को लागू करने पर चर्चा की। इस समझौते के तहत इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के 2 'पायलट जोन' से सेना हटाने और वहां लेबनान की सेना की तैनाती की सहमति दी थी। हालांकि इजरायली सेना ने अभी तक इन इलाकों से वापसी नहीं की है। लेबनान ने इजरायल से आगे की सैन्य वापसी का स्पष्ट समय-सीमा देने की मांग की है। वहीं, इजरायल का कहना है कि पहले यह सुनिश्चित होना चाहिए कि इन इलाकों से हिज्बुल्लाह के हथियार और उसके लड़ाकों का नेटवर्क पूरी तरह हट चुका है।

इजरायल में 3 महीने बाद होने वाले हैं चुनाव

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों पर हमलों के बाद अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी फिर से लागू कर दी है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ट्रंप का यह दबाव ऐसे समय आया है, जब प्रधानमंत्री नेतन्याहू करीब 3 महीने बाद होने वाले आम चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। इजरायल के कई वरिष्ठ मंत्री दक्षिणी सीरिया और दक्षिणी लेबनान में स्थायी रणनीतिक नियंत्रण बनाए रखने के पक्ष में हैं। उनका मानना है कि यह तैनाती 7 अक्टूबर 2023 जैसे हमले की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जरूरी है। (ANI से इनपुट्स के साथ)

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