तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में बेजुबान जानवरों के खून के अवैध व्यापार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ड्रग कंट्रोल और हैदराबाद सिटी पुलिस ने भारी मात्रा में भेड़ और बकरियों का खून जब्त किया है। इस कार्रवाई के बाद से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।
काचेगुड़ा में चल रहा था 'ब्लड गेम'
सूचना मिली थी कि काचेगुड़ा स्थित 'CNK इम्पोर्ट एंड एक्सपोर्ट' नाम के फर्म में अवैध रूप से जानवरों का खून इकट्ठा किया जा रहा था। जब पुलिस ने वहां दबिश दी, तो नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। वहां बड़ी मात्रा में संरक्षित खून के कंटेनर रखे हुए थे, जो बाहर भेजे जाने के लिए तैयार थे। छापेमारी में मौके से लगभग 1,000 लीटर भेड़ और बकरी का खून बरामद हुआ।
कैसे होता था खेल?
आरोप है कि जीवित जानवरों से रक्त एकत्र कर हरियाणा स्थित एक फर्म को भेजा जा रहा था। जांच में यह खुलासा हुआ कि खून किसी वधशाला से नहीं, बल्कि जीवित जानवरों से निकाला जा रहा था। पशु कल्याण कानूनों के तहत यह एक गंभीर अपराध और बेहद क्रूर कृत्य है। अधिकारियों के अनुसार, हाल के दिनों में पशु शोषण और अवैध बायोमेडिकल सप्लाई चेन का यह सबसे बड़ा मामला है।
क्लीनिकल ट्रायल का शक
जांचकर्ताओं ने पाया कि इस खून को हरियाणा की एक फर्म में भेजा जा रहा था। हालांकि, इस खून का अंतिम उपयोग क्या था, इस पर अभी रहस्य बना हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि इसका उपयोग अवैध क्लीनिकल ट्रायल में किया जा रहा था। अनाधिकृत चिकित्सा अनुसंधान में इसे एक सस्ते विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
मालिक फरार, पुलिस ने शुरू की तलाश
छापेमारी के बाद से 'CNK इम्पोर्ट एंड एक्सपोर्ट' का मालिक निकेश फरार है। पुलिस ने उसके खिलाफ पशु क्रूरता, अवैध व्यापार और बायोमेडिकल नियमों के उल्लंघन की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जब्त किए गए खून के नमूनों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
(रिपोर्ट- मुबीन)
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