Guru Chandal Dosh Kya Hai: ज्योतिष शास्त्र में गुरु चांडाल दोष को अत्यंत अशुभ और हानिकारक योग माना गया है। जब किसी जातक की कुंडली में यह दोष बनता है, तो उसके करियर और पारिवारिक खुशियों पर नकारात्मक असर पड़ता है। इस दोष के कारण व्यक्ति को मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान और मान-सम्मान में कमी का सामना करना पड़ता है। कई बार मेहनत के बावजूद सफलता हाथ नहीं लगती। आइए जानते हैं कि आखिर गुरु चांडाल दोष क्या है? इसके लक्षण और निवारण उपायों के बारे में भी बात करेंगे।
गुरु चांडाल दोष क्या है? (Guru Chandal Dosh)
सबसे पहले जान लेते हैं कि गुरु चांडाल दोष क्या होता है। ज्योतिष के अनुसार, जब गुरु बृहस्पति राहु या केतु के साथ एक ही राशि या भाव में स्थित होते हैं, तो गुरु चांडाल दोष का निर्माण होता है। हालांकि, जब गुरु और राहु एक साथ किसी भी भाव में एक साथ विराजमान होते हैं तब यह ज्यादा घातक माना जाता है। राहु-केतु मायावी ग्रह माने जाते हैं और इनका गुरु, सूर्य और चंद्रमा से शत्रुवत संबंध होता है। इसी कारण गुरु के साथ युति करने पर राहु या केतु शुभ फल देने के बजाय नुकसान पहुंचाते हैं। हालांकि, कई बार ग्रहों के राशि परिवर्तन से यह दोष बनता और समाप्त भी हो जाता है।
गुरु चांडाल दोष का जीवन पर प्रभाव (Guru Chandal Dosh Effect)
इस दोष के प्रभाव से जातक का धन व्यर्थ के कार्यों में खर्च होता है। मान-सम्मान में गिरावट आती है और व्यापार व नौकरी में भारी नुकसान झेलना पड़ता है। घर-परिवार की सुख-समृद्धि प्रभावित होती है और मानसिक अशांति बनी रहती है।
गुरु चांडाल दोष के प्रमुख लक्षण (Guru Chandal Dosh)
अगर राहु अधिक बलवान हो, तो व्यक्ति गलत संगत में पड़ सकता है और नशा या जुए की ओर आकर्षित हो सकता है। धीरे-धीरे जीवन से सुख-शांति खत्म होने लगती है। धन हानि, मानसिक तनाव, नौकरी या व्यापार में गलत फैसले, पढ़ाई में बाधा, स्वास्थ्य समस्याएं और परिवार में मनमुटाव इसके मुख्य लक्षण हैं। दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।

गुरु चांडाल दोष से निजात पाने के उपाय (Guru Chandal Dosh Overcome Remedies)
- इस दोष से राहत पाने के लिए गुरुवार को पंडितों और पुरोहितों को भोजन दान करें।
- रोज स्नान के बाद जल में काले तिल मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें।
- गुरुवार को पीले वस्त्र पहनें और पीली वस्तुओं जैसे हल्दी, चना दाल-तूर दाल, कपड़े या मिठाई का दान करें।
- अपने धर्म शास्त्रों का सम्मान करें और हर गुरुवार को वैदिक शास्त्रों का पाठ जरूर करें।
- भगवान विष्णु की पूजा और विष्णु चालीसा का नियमित पाठ भी अत्यंत लाभकारी माना जाता है।
गुरु चांडाल दोष निवारण मंत्र (Guru Chandal Dosh Remove Mantra)
ॐ गुरुवे नमः
इस मंत्र का प्रतिदिन 108 बार जाप करने से करियर, शिक्षा और व्यवसाय से जुड़ी समस्याएं कम होती हैं।
ॐ राहवे नमः
अगर शादी तय होने में बाधा आ रही हो, तो इस मंत्र का 108 बार जाप लाभ देता है।
गुरु चांडाल दोष से स्थायी मुक्ति के लिए गुरु चांडाल योग शांति पूजा कराना सर्वोत्तम उपाय माना जाता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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