देश की प्रमुख एयरलाइन कंपनियां इंडिगो और एयर इंडिया अपनी सेवाओं में बड़ी कटौती की तैयारी कर रही हैं। जेट फ्यूल (ATF) की कीमतों में भारी बढ़ोतरी और गर्मी के दौरान कम डिमांड को देखते हुए ये फैसला लिया जा रहा है। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिगो और एयर इंडिया 1 जून से 90 दिनों के लिए अपनी डोमेस्टिक फ्लाइट्स की संख्या में कटौती करेगी। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो इस दौरान अपनी फ्लाइट्स की संख्या में 5-7 प्रतिशत तक और एयर इंडिया लगभग 15 प्रतिशत तक की कटौती करेगी। बताते चलें कि इंडिगो और एयर इंडिया का भारतीय एविएशन मार्केट में 90 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी है।
ATF की कीमतें बढ़ने से एयरलाइन कंपनियों पर बढ़ा वित्तीय दबाव
फरवरी के अंत में मिडिल-ईस्ट में शुरू हुई जंग के बाद से ही एयरलाइन कंपनियां कई तरह के संकटों का सामना कर रही हैं। कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने की वजह से एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी एटीएफ की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में, एयरलाइन कंपनियों की परिचालन लागत काफी ज्यादा बढ़ गई है। बताते चलें कि एक एयरलाइन कंपनी के कुल खर्च में 40 प्रतिशत खर्च सिर्फ एटीएफ का ही होता है। ऐसे में, एटीएफ के दाम बढ़ने से एयरलाइन कंपनियां भारी वित्तीय नुकसान का सामना कर रही हैं।
एटीएफ की लागत 80,000 रुपये से बढ़कर हुई 1,00,000 रुपये
एयर इंडिया के सूत्र ने बताया, "हम हर हफ्ते औसतन 3800 फ्लाइट्स ऑपरेट करते हैं। हमारी डोमेस्टिक फ्लाइट्स के लिए एटीएफ की लागत पहले 80,000 रुपये प्रति किलोलीटर हुआ करती थी, जो अब बढ़कर 1,00,000 रुपये से ज्यादा हो गई है। एटीएफ की कीमतें शहर के हिसाब से बदलती रहती है, क्योंकि राज्य सरकारों द्वारा लगाया जाने वाला VAT अलग-अलग होता है। जब ATF की कीमतें इतनी ज्यादा हों तो फ्लाइट ऑपरेट करना आर्थिक रूप से फायदेमंद नहीं रहता है। हम किसी भी रूट को पूरी तरह से बंद नहीं करेंगे। लेकिन, कुछ खास रूटों पर फ्लाइट की संख्या कम कर देंगे।"
इन शहरों के लिए घटाई जाएंगी फ्लाइट्स
मुंबई से अहमदाबाद, नागपुर, पटना और भोपाल जाने वाली फ्लाइट उन सेवाओं में शामिल हैं, जिनमें कटौती होने की संभावना है। सूत्र ने बताया कि दिल्ली से हैदराबाद, बेंगलुरू और कोलकाता जाने वाली फ्लाइट्स की संख्या में भी कटौती की जाएगी। बताते चलें कि स्कूल की छुट्टियों के बाद के महीनों में डिमांड कम रहती है।