उत्तराखंड के चारधाम की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए सड़क कनेक्टिविटी लगातार बेहतर हो रही है। केंद्र सरकार के चारधाम ऑल वेदर रोड प्रोजेक्ट का करीब 80 से 85 फीसदी काम पूरा हो चुका है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के मुताबिक, इस परियोजना के तहत सड़क संपर्क बेहतर होने से उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों तक जाने वाले ट्रैफिक में तीन गुना बढ़ोतरी हुई है। सरकार का मानना है कि बेहतर सड़कें धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रही हैं।
चारधाम प्रोजेक्ट का 85% काम पूरा
नितिन गडकरी ने भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के एक सम्मेलन में देश में सड़क निर्माण और कनेक्टिविटी से जुड़े प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी। उन्होंने चारधाम ऑल वेदर रोड प्रोजेक्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि इसका 80 से 85 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इस परियोजना का उद्देश्य उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचने वाली सड़कों को बेहतर बनाना है, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान सुविधा मिल सके। ऑल वेदर रोड का मकसद अलग-अलग मौसम में सड़क संपर्क को अधिक भरोसेमंद बनाना भी है। हालांकि, पहाड़ी इलाकों में मौसम, भूस्खलन और सड़क की स्थिति के कारण यात्रा प्रभावित हो सकती है।
बद्रीनाथ और केदारनाथ जाने वाला ट्रैफिक तीन गुना बढ़ा
गडकरी ने बताया कि सड़क कनेक्टिविटी में सुधार के बाद दिल्ली से बद्रीनाथ और केदारनाथ की ओर जाने वाले ट्रैफिक में तीन गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उनके मुताबिक, बेहतर सड़कें धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। चारधाम यात्रा में बद्रीनाथ और केदारनाथ के अलावा गंगोत्री और यमुनोत्री भी शामिल हैं। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन चारों धामों के दर्शन के लिए उत्तराखंड पहुंचते हैं। बेहतर सड़कें यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने के साथ पर्यटन से जुड़ी स्थानीय गतिविधियों को भी बढ़ावा दे सकती हैं।
दिल्ली से हरिद्वार पहुंचना भी होगा आसान
गडकरी ने दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली से देहरादून पहुंचने में करीब सात घंटे लगते थे, जबकि नए कॉरिडोर से यह सफर लगभग दो घंटे में पूरा किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अगले महीने दिल्ली से हरिद्वार को जोड़ने वाली सड़क परियोजना खोलने की योजना है। इससे हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, यात्रा का वास्तविक समय ट्रैफिक और सड़क की स्थिति पर निर्भर करेगा।
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