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मुख्य आर्थिक सलाहकार ने देश की GDP को लेकर कही ये बात, जानें FY2025 में कैसी रहेगी रफ्तार

 Published : Dec 02, 2024 02:46 pm IST,  Updated : Dec 02, 2024 02:50 pm IST

नागेश्वरन ने कहा कि निवेश को सौर ऊर्जा संयंत्रों या पवन ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना पर केंद्रित नहीं होना चाहिए क्योंकि हमें सौर पैनल अपशिष्ट और पवन टरबाइन अपशिष्ट को पुनर्चक्रित करने की बढ़ती लागत को ध्यान में रखना होगा।

पिछले वित्तीय वर्ष में 8. 2 प्रतिशत दर्ज किया गया था ग्रोथ।- India TV Hindi
पिछले वित्तीय वर्ष में 8. 2 प्रतिशत दर्ज किया गया था ग्रोथ। Image Source : FILE

मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंथा नागेश्वरन ने सोमवार को कहा कि भारत की संभावित जीडीपी वृद्धि 6. 5-7 प्रतिशत के दायरे में है। उन्होंन उम्मीद जताई कि देश को पिछले 10 वर्षों में पहले से किए गए कार्यों के आधार पर इसे हासिल करने में सक्षम होना चाहिए। पीटीआई की खबर के मुताबिक, आर्थिक सर्वेक्षण ने अनुमान लगाया है कि भारत की जीडीपी 2024-25 में 6. 5-7 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी, जो पिछले वित्तीय वर्ष में 8. 2 प्रतिशत के उच्च स्तर से कम है।

निवेश क्षेत्रों पर दिया जोर

खबर के मुताबिक, IVCA के ग्रीनरिटर्न्स शिखर सम्मेलन में  मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा कि भारत की संभावित जीडीपी वृद्धि 6. 5-7 प्रतिशत की सीमा में है और इसे हासिल करने में सक्षम होना चाहिए, चाहे वह भौतिक बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के मामले में हो या वित्तीय समावेशन को प्राप्त करने के मामले में। निवेश क्षेत्रों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि हम सभी रुक-रुक कर होने वाले विकास के मुद्दे के बारे में जानते हैं।

निवेश को इन पर केंद्रित नहीं होना चाहिए

नागेश्वरन ने कहा कि निवेश को सौर ऊर्जा संयंत्रों या पवन ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना पर केंद्रित नहीं होना चाहिए क्योंकि हमें सौर पैनल अपशिष्ट और पवन टरबाइन अपशिष्ट को पुनर्चक्रित करने की बढ़ती लागत को ध्यान में रखना होगा। यह निवेश करने का एक क्षेत्र है। उन्होंने पर्यावरणीय स्थिरता की तत्काल जरूरत के साथ मजबूत आर्थिक विकास को संतुलित करने की जटिल चुनौती के बारे में कहा कि साल 2070 तक शुद्ध-शून्य कार्बन उत्सर्जन प्राप्त करने की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए भारत के पास 45 साल बैलेंस हैं। उन्होंने वर्तमान रणनीतियों और कदमों को भी साझा किया तथा सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया।

इससे पहले मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन ने दूसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि 5.4 प्रतिशत रहने को निराशाजनक बताया था। हालांकि उन्होंने कहा था कि इसके बावजूद चालू वित्त वर्ष के लिए 6.5 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान खतरे में नहीं है। आर्थिक समीक्षा में अनुमान जताया गया था कि वित्त वर्ष 2024-25 में देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 6.5-7.0 प्रतिशत की दर से बढ़ेगा। यह पिछले वित्त वर्ष में 8.2 प्रतिशत की दर से कम है।

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