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S&P ने भारत के जीडीपी ग्रोथ पूर्वानुमान में की कटौती, जानें FY2026 और FY2027 के लिए क्या कहा

 Edited By: Sourabha Suman
 Published : Nov 25, 2024 02:42 pm IST,  Updated : Nov 25, 2024 02:42 pm IST

सएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने चीन के लिए विकास दर को साल 2024 में 4.8 प्रतिशत पर बरकरार रखा, लेकिन अगले साल के पूर्वानुमान को पहले के 4.3 प्रतिशत से घटाकर 4.1 प्रतिशत और 2026 में 4.5 प्रतिशत के पिछले अनुमान से घटाकर 3.8 प्रतिशत कर दिया।

वित्त वर्ष 2028 में भारत की जीडीपी 7 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी।- India TV Hindi
वित्त वर्ष 2028 में भारत की जीडीपी 7 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। Image Source : FILE

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने सोमवार को वित्त वर्ष 2026 और वित्त वर्ष 2027 के लिए भारत की विकास दर (जीडीपी रेट) के पूर्वानुमान में कमी कर दी है। रेटिंग्स एजेंसी के मुताबिक, उच्च ब्याज दर और कम राजकोषीय आवेग शहरी मांग को प्रभावित कर रहे हैं। पीटीआई की खबर के मुताबिक, अमेरिकी चुनाव परिणामों के बाद एशिया-प्रशांत अर्थव्यवस्थाओं के लिए अपने आर्थिक पूर्वानुमान के अपडेट में, रेटिंग एजेंसी ने 2025-26 वित्तीय वर्ष (अप्रैल 2025 से मार्च 2026) में 6. 7 प्रतिशत और अगले वित्तीय वर्ष में 6. 8 प्रतिशत जीडीपी विकास दर का अनुमान लगाया है। यह पिछले अनुमानों में क्रमशः 6. 9 प्रतिशत और 7 प्रतिशत से कम है।

वित्त वर्ष 2025 के लिए जानिए ताजा अनुमान

वित्त वर्ष 2025 के लिए, एसएंडपी ग्लोबल ने जीडीपी विकास दर 6. 8 प्रतिशत आंकी है। एजेंसी ने कहा कि भारत में हम इस वित्तीय वर्ष में जीडीपी वृद्धि को 6.8 प्रतिशत पर आते हुए देखते हैं। जबकि क्रय प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) विस्तार क्षेत्र में आश्वस्त रूप से बने हुए हैं, दूसरी हाई फ्रीक्वेंसी संकेतक सितंबर तिमाही में निर्माण क्षेत्र को हुए नुकसान के कारण विकास की गति में कुछ क्षणिक नरमी का संकेत देते हैं। हालांकि एजेंसी को लगता है कि वित्त वर्ष 2028 में भारत की जीडीपी 7 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी।

चीन के लिए इतना रखा पूर्वानुमान

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने चीन के लिए विकास दर को साल 2024 में 4.8 प्रतिशत पर बरकरार रखा, लेकिन अगले साल के पूर्वानुमान को पहले के 4.3 प्रतिशत से घटाकर 4.1 प्रतिशत और 2026 में 4.5 प्रतिशत के पिछले अनुमान से घटाकर 3.8 प्रतिशत कर दिया। अमेरिकी प्रशासन में आसन्न परिवर्तन चीन और एशिया-प्रशांत के बाकी हिस्सों के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। 'आर्थिक दृष्टिकोण एशिया-प्रशांत Q1 2025: अमेरिकी व्यापार बदलाव क्षितिज को धुंधला करता है' शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी टैरिफ वृद्धि की संभावना अधिक हो गई है, विशेष रूप से चीन पर, और अमेरिकी मैक्रो तस्वीर में संभावित परिवर्तन अलग-अलग ब्याज दर अपेक्षाओं को जन्म दे रहे हैं।"

केंद्रीय बैंक सतर्क रहेंगे

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स एशिया-प्रशांत के मुख्य अर्थशास्त्री लुइस कुइज ने कहा कि बढ़ते जोखिम 2025 की पहली तिमाही में एशिया-प्रशांत के लिए आर्थिक दृष्टिकोण को धुंधला कर रहे हैं। बकि क्षेत्र का अधिकांश हिस्सा ठोस रूप से बढ़ना जारी रखने में सक्षम होना चाहिए। केंद्रीय बैंक शायद अपनी नीति दरों को बहुत तेज़ी से कम न करके सतर्क रहेंगे। चीन के प्रोत्साहन उपायों से विकास को समर्थन मिलना चाहिए, लेकिन एसएंडपी को उम्मीद है कि उसके निर्यात पर अमेरिकी व्यापार शुल्क से इसकी अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी।

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