टाटा ग्रुप की एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया अपने बोइंग 787 एयरक्राफ्ट में 'डोर असिस्ट हैंडल' से जुड़ी संभावित समस्या को दूर करने के लिए इन्हें मोडिफाई कर रही है। एयर इंडिया की तरफ से ये कदम ऐसे समय उठाया गया है जब अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने इस मुद्दे पर उड़ान पात्रता निर्देश जारी किया है। सूत्रों ने रविवार ये जानकारी दी। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने इस महीने की शुरुआत में बोइंग 787-8, 787-9 और 787-10 के कुछ मॉडल के लिए ये निर्देश दिए थे।
दरवाजा खोलते समय यात्रियों, क्रू मेंबर्स को चोट लगने का खतरा
ये निर्देश फ्लाइट के टेक-ऑफ होने से पहले की गई जांच के दौरान एयरक्राफ्ट के दरवाजे के सपोर्ट ब्रैकेट में लगे डोर असिस्ट हैंडल के निचले हिस्से के ढीला होने की शिकायतें सामने आने के बाद दिए गए हैं। FAA ने एयरलाइन कंपनियों से इन मॉडल में जरूरी मॉडिफिकेशन करने को कहा है, क्योंकि हैंडल के अलग होने से दरवाजा खोलते समय यात्रियों, क्रू मेंबर्स या मेनटेनेंस टीम को चोट लगने का खतरा हो सकता है। एयर इंडिया के पास मौजूदा समय में 35 ड्रीमलाइनर एयरक्राफ्ट हैं।
कुछ पुराने एयरक्राफ्ट्स में पूरा हो चुका है काम
सूत्र ने बताया कि टाटा ग्रुप की एयरलाइन कंपनी भी अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन के निर्देश से अवगत है और इसका मौजूदा फ्लाइट ऑपरेशन्स या सुरक्षा पहलुओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। निर्देश के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं और कुछ पुराने एयरक्राफ्ट्स में ये काम पूरा भी किया जा चुका है। हालांकि, कितने ड्रीमलाइनर एयरक्राफ्ट में बदलाव की जरूरत है, इसका ब्योरा फिलहाल उपलब्ध नहीं हो सका है। इस मामले में एयर इंडिया और बोइंग की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।
1 अगस्त से दिल्ली और टोरंटो के बीच डायरेक्ट फ्लाइट शुरू करेगी कंपनी
बताते चलें कि एयर इंडिया 1 अगस्त, 2026 से दिल्ली और टोरंटो के बीच डायरेक्ट फ्लाइट शुरू करने जा रही है। एयर इंडिया की इस सर्विस से यात्रा का समय करीब 3 घंटे तक कम हो जाएगा। इसके साथ ही, एयर इंडिया इस रूट पर अपनी फ्लाइट्स की संख्या भी बढ़ा रही है। एयर इंडिया अभी दिल्ली से टोरंटो के लिए पुराने बोइंग 777 एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल करती है, जिसे रिफ्यूलिंग के लिए ऑस्ट्रिया के वियना में उतरना पड़ता है। 1 अगस्त से एयर इंडिया इस रूट पर नए बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर का इस्तेमाल करेगी, जिसे रिफ्यूलिंग के लिए कहीं भी उतरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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