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ई-वाणिज्य केंद्र विकसित करना नई सरकार के 100 दिन के एजेंडे में हो सकता है शामिल, जानें डिटेल

Edited By: Abhinav Shalya Published : May 01, 2024 02:39 pm IST, Updated : May 01, 2024 02:39 pm IST

वाणिज्य मंत्रालय की शाखा विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) पहले से ही भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और वित्त मंत्रालय सहित संबंधित मंत्रालयों के साथ ई-वाणिज्य माध्यम से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कई कदमों पर काम कर रही है।

ई-वाणिज्य केंद्र - India TV Paisa
Photo:CANVA ई-वाणिज्य केंद्र

ऑनलाइन माध्यम से भारत के निर्यात बढ़ाना नई सरकार के एजेंडे में शामिल हो सकता है।  एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। इसके लिए वाणिज्य मंत्रालय द्वारा देश भर में ई-वाणिज्य केंद्र विकसित करने का खाका भी तैयार किया जा सकता है। 

निर्यात को मिलेगा बढ़ावा

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट में बताया गया कि वाणिज्य मंत्रालय की शाखा विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) पहले से ही भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और वित्त मंत्रालय सहित संबंधित मंत्रालयों के साथ ई-वाणिज्य माध्यम से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कई कदमों पर काम कर रही है क्योंकि इस क्षेत्र में निर्यात के बड़े अवसर हैं। यह कवायद इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मंत्रालयों को नई सरकार के लिए 100 दिन की योजना तैयार करने को कहा गया है। 

लोकसभा चुनाव

भारत में सात चरणों में होने वाले लोकसभा चुनाव 19 अप्रैल को शुरू हुए। मतगणना चार जून को होगी। अधिकारी ने कहा कि ये केंद्र ई-वाणिज्य माध्यमों से निर्यात को और बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं। उद्योग जगत के एक विशेषज्ञ के अनुसार, ऐसे केंद्र में निर्यात मंजूरी को सुगम बनाया जा सकता है। इसके अलावा इसमें भंडारण सुविधाएं, सीमा शुल्क मंजूरी, रिटर्न प्रोसेसिंग, लेबलिंग, टेस्टिंग और रीपैकेजिंग की भी सुविधा हो सकती है। 

भारतीय निर्यात संगठन महासंघ (फियो) के महानिदेशक अजय सहाय ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत करते हुए कहा कि यह ऐसा क्षेत्र होगा जो ई-वाणिज्य कार्गो के निर्यात और आयात को सुविधाजनक बनाएगा और काफी हद तक पुनः आयात की समस्या का समाधान करेगा क्योंकि ई-वाणिज्य में करीब 25 प्रतिशत माल पुनः आयात किया जाता है। सीमा पार ई-वाणिज्य व्यापार पिछले वर्ष करीब 800 अरब अमेरिकी डॉलर रहा था। इसके 2030 तक 2000 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। विदेश व्यापार महानिदेशक (डीजीएफटी) संतोष कुमार सारंगी ने हाल ही में कहा था कि ई-वाणिज्य माध्यम से निर्यात बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। 

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