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वित्त मंत्रालय ने सरकारी बैंक प्रमुखों के साथ मीटिंग की तारीख बढ़ाई, अब इस दिन होगी इन मुद्दों पर चर्चा

 Edited By: Sourabha Suman
 Published : Feb 25, 2025 09:31 pm IST,  Updated : Feb 25, 2025 09:42 pm IST

चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-दिसंबर अवधि में 12 सरकारी बैंकों ने 1.29 लाख करोड़ रुपये का अब तक का सबसे ज्यादा नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। संसद में केंद्रीय बजट 2025-26 पेश किए जाने के बाद यह पहली मीटिंग होगी।

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने 11 प्रतिशत (साल-दर-साल) की कुल कारोबार वृद्धि दर्ज की। - India TV Hindi
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने 11 प्रतिशत (साल-दर-साल) की कुल कारोबार वृद्धि दर्ज की। Image Source : FILE

वित्त मंत्रालय ने सरकारी बैंकों के प्रमुखों के साथ 4 मार्च को होने वाली समीक्षा बैठक को एक दिन आगे के लिए टाल दी है। मंत्रालय अब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के प्रमुखों के साथ प्रदर्शन समीक्षा बैठक 5 मार्च को करेगा। पीटीआई की खबर के मुताबिक, सूत्रों ने बताया कि वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में वित्तीय प्रदर्शन और वित्तीय समावेशन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-दिसंबर अवधि में 12 सरकारी बैंकों ने 1.29 लाख करोड़ रुपये का अब तक का सबसे ज्यादा नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो सालाना आधार पर 31.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

बजट के बाद पहली मीटिंग

खबर के मुताबिक, संसद में केंद्रीय बजट 2025-26 पेश किए जाने के बाद यह पहली मीटिंग होगी। समीक्षाधीन अवधि के दौरान सरकारी बैंकों यानी पीएसबी के प्रदर्शन ने प्रमुख वित्तीय मापदंडों जैसे रिकॉर्ड शुद्ध लाभ वृद्धि, बेहतर एसेट क्वालिटी और पर्याप्त पूंजी बफर के निर्माण पर महत्वपूर्ण सुधार दिखाया है। मंत्रालय बैंकों के वित्तीय प्रदर्शन और वित्तीय समावेशन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेगा। सरकार ने कुछ समय पहले सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में वरिष्ठ कार्यकारियों के लिए प्रदर्शन आधारित संशोधित प्रोत्सोहन योजना जारी की है।

कुल कारोबार में बढ़ोतरी

वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इसके अलावा, 0.59 प्रतिशत (कुल शुद्ध एनपीए बकाया 61,252 करोड़ रुपये) के काफी कम शुद्ध एनपीए अनुपात से भी बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता दिखाई देती है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने 9.8 प्रतिशत की बेहतर कुल जमा वृद्धि के साथ 11 प्रतिशत (साल-दर-साल) की कुल कारोबार वृद्धि दर्ज की। इस अवधि के दौरान सरकारी बैंकों का कुल कारोबार 242.27 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि 0.59 प्रतिशत (कुल बकाया एनपीए 61,252 करोड़ रुपये) के काफी कम शुद्ध एनपीए अनुपात से भी बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता दिखाई देती है।

वित्त वर्ष के नौ महीनों में 12 सरकारी बैंकों ने 31.3 प्रतिशत (साल-दर-साल) की शुद्ध लाभ वृद्धि दर्ज की, जिससे 1,29,426 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे अधिक कुल शुद्ध लाभ और 2,20,243 करोड़ रुपये का कुल परिचालन लाभ हासिल हुआ।

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