सरकार का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट बढ़कर 7.4 प्रतिशत पर रह सकती है। इसकी मुख्य वजह मैन्यूफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर का बेहतर प्रदर्शन है। जीडीपी ग्रोथ रेट का ये अनुमान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ और भारत-अमेरिका ट्रेड डील के फंसे होने के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दिखाता है। सरकार का ये ताजा अनुमान, पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 0.9 प्रतिशत ज्यादा है। बताते चलें कि वित्त वर्ष 2024-25 में देश का जीडीपी ग्रोथ रेट 6.5 प्रतिशत रहा था।
RBI के अनुमान से ज्यादा है सरकार का अनुमान
चालू वित्त वर्ष के लिए देश की जीडीपी ग्रोथ रेट का ये सरकारी अनुमान, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुमान से भी ज्यादा है। भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए देश की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी राष्ट्रीय आय के पहले अग्रिम अनुमानों के अनुसार, देश के मैन्यूफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में 7 प्रतिशत की ग्रोथ रेट हासिल होने का अनुमान है।
चालू वित्त वर्ष में 8% की दर से बढ़ेगी देश की जीडीपी
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने कहा, "सर्विस सेक्टर में तेज ग्रोथ FY 2025-26 में अनुमानित रियल GVA (सकल मूल्य वर्धित) ग्रोथ रेट 7.3 प्रतिशत का एक प्रमुख चालक रहा है।" हालांकि, कृषि और संबद्ध क्षेत्र और 'बिजली, गैस, जल आपूर्ति और अन्य उपयोगिता सेवाओं' क्षेत्रों में 31 मार्च को समाप्त होने वाले चालू वित्त वर्ष में मध्यम ग्रोथ रेट रहने का अनुमान है। मंत्रालय ने आगे कहा कि नॉमिनल GDP या मौजूदा कीमतों पर GDP 2025-26 के दौरान 8 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। बताते चलें कि अग्रिम अनुमानों के डेटा को यूनियन बजट तैयार करने में इस्तेमाल किया जाता है, जिसे 1 फरवरी को पेश किए जाने की संभावना है।