सोने और चांदी की कीमतें इस समय रिकॉर्ड लेवल पर हैं। मंगलवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 1.20 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गईं, जबकि चांदी 1,50,500 रुपये प्रति किलोग्राम के नए शिखर पर पहुंच गईं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि भारत में इनके आयात में जोरदार इजाफा भी देखा जा रहा है। अगस्त की तुलना में सितंबर में देश का गोल्ड और सिल्वर इंपोर्ट लगभग दोगुना हो गया है। वजह है त्योहारों से पहले बैंकों और ज्वैलर्स की तरफ से जबरदस्त स्टॉकिंग और सरकार द्वारा इंपोर्ट टैक्स बढ़ाए जाने की आशंका। दा इकोनॉमिक टाइम्स की एक खबर के अनुसार, इस बढ़ती मांग ने न सिर्फ भारत के ट्रेड डेफिसिट पर असर डालने की चिंता बढ़ा दी है, बल्कि कमजोर रुपये पर भी दबाव डालने के संकेत दिए हैं।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, बीते दो हफ्तों में ज्वैलर्स और बैंक लगातार कस्टम्स से बड़ी मात्रा में सोना क्लियर कर रहे हैं। एक अधिकारी ने कहा कि हमने सालों में ऐसा रश नहीं देखा। माना जा रहा है कि सितंबर के आखिरी दिन भी और ज्यादा क्लियरेंस होगा, क्योंकि सरकार 15-15 दिन पर सोने-चांदी की बेस इंपोर्ट प्राइस में बदलाव करती है और इस बार कीमतें और ऊपर जाने की संभावना है।
कितनी रही खरीदारी?
अगस्त में भारत ने करीब 64.17 टन सोना (5.4 बिलियन डॉलर खर्च) और 410.8 टन चांदी (451.6 मिलियन डॉलर खर्च) आयात किया था। सितंबर के आंकड़े अभी आधिकारिक रूप से नहीं आए हैं, लेकिन शुरुआती अनुमान बता रहे हैं कि आयात लगभग दोगुना हुआ है।
रिकॉर्ड लेवल पर दाम
इंडियन गोल्ड फ्यूचर्स इस हफ्ते 1.15 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया है। वहीं सिल्वर फ्यूचर्स 1.41 लाख रुपये प्रति किलो के ऑल-टाइम हाई पर रहे। इसके बावजूद खरीदारों की मांग ने बाजार को चौंका दिया।
त्योहारों का असर
भारत में अक्टूबर से त्योहारों का सीजन शुरू होता है। खासकर दिवाली पर सोना खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। यही वजह है कि ज्वैलर्स पहले से ही भारी मात्रा में गोल्ड-सिल्वर का स्टॉक कर रहे हैं। मुंबई के एक प्राइवेट बैंक के डीलर ने बताया कि ग्राहक प्रीमियम देकर भी खरीद रहे हैं। इस हफ्ते भारतीय डीलरों ने ग्लोबल प्राइस पर 8 डॉलर प्रति औंस तक का प्रीमियम कोट किया है।






































