भारत सरकार देश में क्षेत्रीय परिवहन विमान बनाने की तैयारी में है। इसके लिए सरकार स्पेशल पर्पस व्हीकल (एसपीवी) सेट अप करने की प्रकिया में है। नागरिक एवं उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी। पीटीआई की खबर के मुताबिक, नायडू ने कहा कि भारत में विमानों और इसके कम्पोनेंट्स की मैनुफैक्चरिंग के लिए जरूरी नीतियां मौजूद हैं। नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा कि हमने विमान के निर्माण की बात करते समय अपनी सोच को बदल दिया है। हम कह रहे हैं कि भारत अभी उस चरण में है जहां हम विमान का निर्माण कर सकते हैं, हम डिजाइन कर सकते हैं और हम उसका रखरखाव कर सकते हैं।
1,500 से ज्यादा विमानों के लिए ऑर्डर
राज्यसभा में सवालों के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने विमान घटक विनिर्माण और एमआरओ (रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल) गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला। भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते सिविल एविएशन बाजारों में से एक है और घरेलू एयरलाइन कंपनियों ने बढ़ती हवाई यातायात मांग को पूरा करने के लिए अपने बेड़े का विस्तार करते हुए 1,500 से ज्यादा विमानों के लिए ऑर्डर दिए हैं।
विमान को पांच साल में बनाने का विचार
आगे की रणनीति के बारे में विस्तार से बताते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार ने समग्र दृष्टिकोण अपनाया है और क्षेत्रीय परिवहन विमान निर्माण के लिए एक स्पेशल पर्पस व्हीकल (एसपीवी) स्थापित करने की प्रक्रिया में है। उन्होंने कहा कि हमारे पास पांच साल के लिए एक एसपीवी बनाने की योजना है, जो सभी जरूरी हितधारकों को शामिल करेगी। देश में मौजूदा तस्वीर का अध्ययन करेगी और एक रोड मैप बनाएगी। उन्होंने कहा कि विमान को पांच साल में बनाने का विचार है।
एक ईकोसिस्टम बनाने पर है ध्यान
कौशल विकास पर जोर देते हुए नायडू ने उल्लेख किया कि 58 कार्यरत एफटीओ (फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन) हैं और विमान घटकों के निर्माण के लिए एक ईकोसिस्टम बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। लिखित उत्तर में नायडू ने कहा कि स्वदेशी 19-सीटर लाइट ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट सारस एमके2 का विकास सीएसआईआर-एनएएल में प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि सारस एमके2 पहल में एचएएल के साथ सहयोग और साझेदारी है। विमान में एडवांस कम्पोजिट विंग, कम्पोजिट और हल्के वजन वाली सामग्री से बने एयरफ्रेम, एवियोनिक्स, डिस्प्ले और संचार प्रणाली जैसे महत्वपूर्ण स्वदेशी कम्पोनेंट और टेक्नोलॉजी हैं। इसके अलावा, मंत्री ने कहा कि देश में स्वदेशी नागरिक विमान घटक विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए स्वदेशी सामग्री वाले विमान के उत्पादन और विनिर्माण गतिविधियों की परिकल्पना की गई है।






































