Wednesday, February 25, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. एक करोड़ तक का घर खरीदने के लिए चुकाना पड़ता है इतने लाख का टैक्स, आंकड़े कर देंगे हैरान

घर खरीदारों की जेब पर पड़ता है इतने टैक्स का बोझ कि खरीद सकते हैं एक और प्रॉपर्टी, आंकड़े कर देंगे हैरान

Edited By: Alok Kumar @alocksone Published : Aug 28, 2023 04:33 pm IST, Updated : Aug 28, 2023 04:33 pm IST

बंदेलकर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा घरों को किफायती बनाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की सराहना करते हुए उनसे कुछ कर हटाने की गुजारिश भी की।

Home Buyers - India TV Paisa
Photo:INDIA TV घर खरीदार

राष्ट्रीय रियल एस्टेट विकास परिषद (नारेडको) के अध्यक्ष राजन बंदेलकर का मानना है कि आम लोगों के लिए सस्ते घर बनाने के लिए विभिन्न स्तर पर करों को हटाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एक करोड़ रुपये का घर लेने पर 33 से 36 लाख रुपये कर के रूप में जाते हैं। यानी अगर आप 50 लाख रुपये का घर खरीदते हैं तो आपको 16 से 18 लाख रुपये का टैक्स चुकाना होता है। बंदेलकर ने कहा कि आज दुर्भाग्य से रियल स्टेट क्षेत्र में डेवलपर का ‘मार्जिन’ एकल अंक में है। सरकार को अपना अंश (शेयर) कम करना होगा। उन्होंने कहा, अगर आज आप एक करोड़ रुपये का मकान खरीदते हैं, तो 33 लाख से 36 लाख रुपये सरकार के खाते में किसी न किसी कर के रूप में जाते हैं। मैं आयकर की बात नहीं कर रहा हूं। ये विभिन्न कर व राजस्व केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन को मिलता है। इस तरह मकान की कुल कीमत का एक तिहाई-हिस्सा सरकार को जाता है।

सरकार से टैक्स का बोझ कम करने की गुजारिश 

बंदेलकर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा घरों को किफायती बनाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की सराहना करते हुए उनसे कुछ कर हटाने की गुजारिश भी की। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार किफायती घरों के लिए काफी बेहतरीन काम कर ही है, लेकिन इसे और किफायती बनाने के लिए इन सभी करों को हटाना होगा।’’ बंदेलकर ने नारेडको की 25वीं वर्षगांठ पर हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम से इतर कहा, कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लाने से पहले सरकार ने कहा था कि चुंगी कर हटाया जाएगा, जिसे हटाया भी गया। 

जीएसटी के बाद भी अभी भी कई तरह के टैक्स 

हालांकि, अब भी स्टाम्प शुल्क, स्थानीय कर (लोकल टैक्स) जैसी कई बाधांए हैं जो आवास खरीदने वालों पर भार बढ़ा रही हैं। सरकार को इसपर गौर करना चाहिए।’’ कार्यक्रम के दौरान बंदेलकर ने विश्वास जताया था कि देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में रियल एस्टेट और बुनियादी ढांचा क्षेत्र का योगदान अगले कुछ साल में उल्लेखनीय रूप से बढ़ेगा, जो इसकी क्षमता के कारण मौजूदा सात प्रतिशत को पार कर जाएगा। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि नारेडको किफायती आवास और अन्य विकास कार्यों में सरकार को पूरा समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है।

Latest Business News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा

Advertisement
Advertisement
Advertisement