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कमर्शियल बायर्स के लिए पेट्रोल-डीजल की खुदरा बिक्री पर पाबंदी खत्म, 1 जुलाई से नया नियम लागू

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Jun 29, 2026 10:27 pm IST,  Updated : Jun 29, 2026 10:27 pm IST

अगर आप ट्रांसपोर्ट, इंडस्ट्री या किसी बड़े व्यवसाय के लिए पेट्रोल-डीजल खरीदते हैं, तो 1 जुलाई से आपके लिए बड़ी राहत मिलने जा रही है। केंद्र सरकार ने कमर्शियल खरीदारों पर लगी खुदरा बिक्री की पाबंदी हटा दी है।

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कमर्शियल बायर्स के लिए बदलेंगे पेट्रोल-डीजल बिक्री के नियम! Image Source : CANVA

अगर आप ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स या किसी ऐसे कारोबार से जुड़े हैं, जहां बड़ी मात्रा में पेट्रोल या डीजल की जरूरत पड़ती है, तो आपके लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने कमर्शियल खरीदारों के लिए पेट्रोल और डीजल की खुदरा बिक्री पर लगी सभी अस्थायी पाबंदियां हटा दी हैं। अब 1 जुलाई 2026 से कारोबारी ग्राहक बिना किसी मात्रा सीमा के सीधे पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीद सकेंगे।

सरकार ने जून महीने में मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर की आशंका को देखते हुए यह फैसला लिया था। उस समय आशंका थी कि अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण भारत में ईंधन की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। ऐसे में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सरकार ने कमर्शियल खरीदारों के लिए खुदरा बिक्री पर अस्थायी रोक लगा दी थी। साथ ही डीजल की बिक्री अधिकतम 200 लीटर प्रति वाहन या ग्राहक प्रतिदिन तक सीमित कर दी गई थी।

अब क्यों हटाई गई रोक?

सरकार का कहना है कि अब देश में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई सामान्य हो चुकी है। वैश्विक बाजार में भी स्थिति पहले की तुलना में स्थिर है। इसी वजह से आपातकालीन प्रतिबंधों की अब जरूरत नहीं रही। इसके बाद सरकार ने फैसला लिया कि 1 जुलाई से सभी कमर्शियल उपभोक्ता पहले की तरह पेट्रोल पंपों से बिना किसी मात्रा सीमा के ईंधन खरीद सकेंगे।

सरकारी पेट्रोल पंपों पर बढ़ गया था दबाव

जून में डीजल की खुदरा कीमत और बल्क सप्लाई की कीमतों के बीच बड़ा अंतर आ गया था। बल्क खरीदारों को डीजल लगभग 40 रुपये प्रति लीटर महंगा पड़ रहा था। यही कारण था कि ट्रांसपोर्ट कंपनियों और उद्योगों ने सरकारी पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदना शुरू कर दिया। इससे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के पेट्रोल पंपों पर दबाव काफी बढ़ गया था।

कारोबार और परिवहन क्षेत्र को मिलेगी राहत

नई व्यवस्था लागू होने के बाद ट्रांसपोर्ट कंपनियों, इंडस्ट्रियल यूनिट्स और अन्य बड़े ईंधन उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इससे ईंधन की आपूर्ति सामान्य बनी रहेगी और बाजार में किसी तरह की कृत्रिम कमी या जमाखोरी की आशंका भी नहीं रहेगी।

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