1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. भारत बनेगा दुनिया के लिए ग्लोबल इकोनॉमी का अड्डा, 2031 तक हासिल हो सकती है ये उपलब्धि

भारत बनेगा दुनिया के लिए ग्लोबल इकोनॉमी का अड्डा, 2031 तक हासिल हो सकती है ये उपलब्धि

 Published : Aug 04, 2023 06:00 am IST,  Updated : Aug 04, 2023 06:00 am IST

Global Ratings: आने वाला समय भारत का है। दुनिया इंडिया को सलाम करेगी। अगर वह 2031 तक यह उपलब्धि हासिल कर लेता है।

Indian Economy- India TV Hindi
Indian Economy Image Source : FILE

Global Economy: भारत अगर अगले सात साल तक औसतन 6.7 प्रतिशत की दर से वृद्धि करता है तो उसकी अर्थव्यवस्था वर्ष 2031 तक 6,700 अरब डॉलर की हो जाएगी जो फिलहाल 3,400 अरब डॉलर की है। एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने अपनी एक रिपोर्ट में यह संभावना जताई है। वित्त वर्ष 2022-23 में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रही थी। एसएंडपी ग्लोबल ने ‘लुक फॉरवर्ड: इंडियाज मनी’ शीर्षक से जारी अपनी रिपोर्ट में यह अनुमान जताया है। हालांकि उसने कहा है कि वैश्विक सुस्ती और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नीतिगत दर में बढ़ोतरी के विलंबित प्रभाव से वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में धीमी पड़कर छह प्रतिशत रह सकती है। 

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स जताई संभावना

साख तय करने वाली एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स के वैश्विक मुख्य अर्थशास्त्री पॉल ग्रुएनवाल्ड, क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री धर्मकीर्ति जोशी और एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस के मुख्य अर्थशास्त्री (एशिया-प्रशांत) राजीव बिस्वास ने मिलकर यह रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट में उन्होंने कहा कि हम उम्मीद कर रहे हैं कि भारत वित्त वर्ष 2023-24 से वित्त वर्ष 2030-31 तक औसतन 6.7 प्रतिशत की दर से वृद्धि करेगा। इससे देश की जीडीपी वित्त वर्ष 2022-23 के 3,400 अरब डॉलर से बढ़कर 6,700 अरब डॉलर हो जाएगी। इस दौरान प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद भी बढ़कर करीब 4,500 डॉलर हो जाएगी। 

भारत के लिए बड़ी चुनौती

रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले एक दशक में भारत के लिए बड़ी चुनौती पारंपरिक रूप से असंतुलित वृद्धि को उच्च तथा स्थिर प्रवृत्ति में बदलने की होगी। सरकार और निजी क्षेत्र के बुनियादी ढांचे तथा विनिर्माण क्षेत्र में तेजी से निवेश से भारत इस रास्ते पर बढ़ सकता है। क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री धर्मकीर्ति जोशी ने कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2025-26 में वृद्धि चरम पर होगी।’’ रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को माल एवं सेवा कर जैसे सुधारों से लाभ मिलने की संभावना है। इसके अलावा, दिवाला व ऋणशोधन अक्षमता संहिता लागू होने से कर्ज को मामले में भी चीजें बेहतर होंगी।

ये भी पढ़ें: स्टील इंडस्ट्री में भारत की तेजी से हो रही तरक्की, इंडियन इकोनॉमी को मिलेगी बूस्टर डोज

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा