भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को जोरदार झटका लगा है। सार्वजनिक क्षेत्र की लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने गुरुवार को कहा कि उसे 2020-21 के लिए माल और सेवा कर (जीएसटी) के कम भुगतान के लिए 479.88 करोड़ रुपये का डिमांड नोटिस मिला है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, एलआईसी ने एक नियामक फाइलिंग में कहा कि कंपनी को 27 फरवरी को मुंबई के राज्य कर उपायुक्त से महाराष्ट्र के लिए ब्याज और जुर्माने के लिए एक संचार/मांग आदेश मिला है।
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यहां से मिला डिमांड नोटिस
खबर के मुताबिक, यह मांग नोटिस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के गलत लाभ और कम रिवर्सल, देर से भुगतान पर ब्याज, कर देयता के कम भुगतान से संबंधित है। यह आदेश मुंबई के संयुक्त राज्य कर आयुक्त (अपील) के समक्ष अपील योग्य है। डिमांड नोटिस में कहा गया है कि मांग का वित्तीय प्रभाव जीएसटी (242.23 करोड़ रुपये), ब्याज (213.43 करोड़ रुपये) और जुर्माना (24.22 करोड़ रुपये) के बराबर है। इसके अलावा, कंपनी की वित्तीय स्थिति, परिचालन या दूसरी गतिविधियों पर इसका कोई भौतिक प्रभाव नहीं है।
यहां से भी मिला नोटिस
भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को हाल ही में टैक्स अधिकारियों ने वित्त वर्ष 2020-21 में मिले अतिरिक्त इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के लिए कंपनी को लगभग 57.2 करोड़ रुपये का नोटिस दिया है। एलआईसी ने कहा कि कंपनी को अतिरिक्त आईटीसी के संबंध में दिल्ली के सहायक आयुक्त से बीते सोमवार को नोटिस मिला। जानकारी के अनुसार, मांग का वित्तीय प्रभाव- जीएसटी (31,04,35,201 रुपये), ब्याज (23,13,21,002 रुपये) और जुर्माना (3,10,43,519 रुपये) की सीमा तक है। इसमें कहा गया है कि एलआईसी के वित्त, संचालन या अन्य गतिविधियों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
एलआईसी का तिमाही नतीजा
एलआईसी का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 17 प्रतिशत बढ़कर 11,056 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। वित्त वर्ष 2023-24 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी का मुनाफा 9,444 करोड़ रुपये रहा था। एलआईसी की आलोच्य तिमाही के दौरान शुद्ध प्रीमियम इनकम घटकर 1,06,891 करोड़ रुपये रह गई, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 1,17,017 करोड़ रुपये थी।