केंद्र सरकार ने पंजाब से करीब 155 लाख मीट्रिक टन गेहूं और चावल की ढुलाई के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाने पर सहमति दे दी है। इस फैसले से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और रबी सीजन से पहले भंडारण संकट भी कम होगा। पीटीआई की खबर के मुताबिक, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यह जानकारी शुक्रवार को दी। मुख्यमंत्री ने दिल्ली में प्रह्लाद जोशी से मुलाकात के बाद कहा कि इस कदम से गोदामों में जगह खाली होगी और मौजूदा रबी सीजन में गेहूं की खरीद सुचारू रूप से हो सकेगी। खबर के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब इस समय भंडारण की गंभीर समस्या से जूझ रहा है, क्योंकि ज्यादातर कवर किए गए गोदाम पहले से ही भरे हुए हैं। वहीं, इस रबी सीजन में करीब 130-132 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का अनुमान है।
राज्य लगातार केंद्र से कर रहा था मांग
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य लगातार केंद्र से अनाज उठान की रफ्तार बढ़ाने की मांग कर रहा था। फिलहाल हर महीने करीब 5 लाख मीट्रिक टन अनाज की ढुलाई हो रही है, जो पर्याप्त नहीं है। उन्होंने इसे बढ़ाकर कम से कम 12 लाख मीट्रिक टन प्रति माह करने की मांग की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास फंड के तहत लंबित ₹9,000 करोड़ का मुद्दा भी उठाया। इस पर केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि जल्द ही सचिव स्तर की बैठक बुलाकर इस मामले का समाधान किया जाएगा।
आढ़तियों के कमीशन का मुद्दा उठा
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पंजाब को कैश क्रेडिट पर केंद्र के मुकाबले अधिक ब्याज दर चुकानी पड़ती है, जिससे राज्य को नुकसान होता है। उन्होंने इसे समान करने की मांग की। इसके अलावा, उन्होंने हाल ही में ओलावृष्टि से हुई फसल क्षति का मुद्दा उठाते हुए केंद्र से नुकसान का आकलन करने के लिए टीम भेजने और किसानों को मुआवजा देने की मांग की। मुख्यमंत्री ने आढ़तियों के कमीशन का मुद्दा भी उठाया और उम्मीद जताई कि गेहूं और धान पर इसे करीब ₹4.75 प्रति क्विंटल बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि केंद्र सरकार ने उठाए गए मुद्दों पर सकारात्मक रुख दिखाया है और किसानों के हितों की रक्षा तथा मंडियों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिया है।