आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में तेजी से निवेश कर रही टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ने अपने कर्मचारियों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने भारत समेत चार देशों में कर्मचारियों को स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने के बदले आर्थिक सहायता देने का ऑफर दिया है। दुनियाभर में करीब 60 हजार कर्मचारी इस प्रोग्राम के लिए पात्र हैं। कंपनी का यह कदम ऐसे समय आया है, जब वह AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर अरबों डॉलर खर्च कर रही है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सभी पात्र कर्मचारियों की नौकरी जाने वाली है।
माइक्रोसॉफ्ट ने सोमवार को वॉलंटरी एग्जिट ऑफर की घोषणा की। यह योजना भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में कंपनी की चुनिंदा टीमों के कर्मचारियों के लिए उपलब्ध होगी। बता दें कि भारत में माइक्रोसॉफ्ट के करीब 23 हजार कर्मचारी हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें से कितने कर्मचारी इस ऑफर के दायरे में आएंगे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, भारत में पात्र कर्मचारियों को ऑफर स्वीकार करने या न करने का फैसला लेने के लिए 1 दिसंबर तक का समय मिलेगा।
नौकरी छोड़ने पर क्या-क्या मिलेगा?
कंपनी के इस ऑफर के तहत कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने पर आर्थिक मदद और करियर से जुड़ी सेवाएं दी जाएंगी। पैकेज में हर पूरे किए गए सेवा वर्ष के बदले एक महीने की बेसिक सैलरी, हेल्थ इंश्योरेंस और करियर ट्रांजिशन से जुड़ी सहायता शामिल होने की जानकारी है। हालांकि, यह ऑफर सभी कर्मचारियों के लिए नहीं है। माइक्रोसॉफ्ट की चीफ HR ऑफिसर एमी कोलमैन के मुताबिक, यह सुविधा कंपनी के चुनिंदा विभागों में लेवल 70 और उससे नीचे के पात्र कर्मचारियों को मिलेगी। पात्र कर्मचारियों को ईमेल के जरिए ऑफर की शर्तें बताई जाएंगी।
कंपनी ने क्यों उठाया यह कदम?
एमी कोलमैन ने कहा कि इस प्रोग्राम का उद्देश्य उन कर्मचारियों को सहयोग देना है, जो कंपनी से बाहर करियर बनाने के बारे में सोच रहे हैं। इससे कंपनी के अलग-अलग विभागों को भी बदलती जरूरतों के हिसाब से अपने कर्मचारियों की संख्या और कामकाज में बदलाव करने का ऑप्शन मिलेगा। कंपनी ने साफ किया है कि यह योजना सभी विभागों में एक जैसी लागू नहीं होगी। इसका फैसला कारोबार की जरूरतों, ग्राहकों से किए गए वादों और कर्मचारियों की उपलब्धता को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
भारत में AI पर 20.5 अरब डॉलर का निवेश
एक तरफ माइक्रोसॉफ्ट स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने का ऑफर दे रही है, वहीं दूसरी तरफ भारत में बड़े निवेश की योजना पर भी काम कर रही है। कंपनी ने 2025 से 2029 के बीच भारत में क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल ट्रेनिंग और ऑपरेशन से जुड़े क्षेत्रों में 20.5 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक भारत में 2 करोड़ लोगों को AI से जुड़ी स्किल सिखाना भी है। माइक्रोसॉफ्ट ने कहा है कि वह कर्मचारियों को नई स्किल सीखने और कंपनी के भीतर करियर के दूसरे अवसर तलाशने में भी मदद करती रहेगी।
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