देश का वस्तु निर्यात मार्च में 7.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ घटकर 38.92 अरब डॉलर पर आ गया। इतना ही नहीं, पश्चिम एशिया क्षेत्र को भारत का निर्यात 57.95 प्रतिशत घट गया। सरकार के बुधवार को जारी आंकड़ों से ये जानकारी मिली। इस दौरान, भारत का आयात भी 6.51 प्रतिशत घटकर 59.59 अरब डॉलर रह गया, जबकि पिछले साल मार्च में भारत का आयात 63.75 अरब डॉलर दर्ज किया गया था। मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण होर्मुज स्ट्रेट जैसे प्रमुख वैश्विक व्यापार मार्ग बाधित होने के कारण आयात और निर्यात में गिरावट दर्ज की गई है। इस साल मार्च के दौरान देश का व्यापार घाटा 20.67 अरब डॉलर रिकॉर्ड किया गया।
वित्त वर्ष 2025-26 में देश का वस्तु और सेवा निर्यात 4.22 प्रतिशत बढ़ा
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने मीडिया के साथ बातचीत में कहा कि चुनौतियों के बावजूद देश का निर्यात क्षेत्र अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान देश का वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात 4.22 प्रतिशत बढ़कर 860 अरब डॉलर रहा। देश का वस्तु निर्यात मार्च में समाप्त वित्त वर्ष 2025-26 में एक प्रतिशत बढ़कर 441.78 अरब डॉलर रहा, जो एक साल पहले 437.7 अरब डॉलर था। इस दौरान आयात भी 774.98 अरब डॉलर हो गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में 721.2 अरब डॉलर था।
पश्चिम एशिया क्षेत्र को भारत के निर्यात में 57.95 प्रतिशत की भारी गिरावट
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का सेवा निर्यात 418.31 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध के कारण मार्च में पश्चिम एशिया क्षेत्र को भारत का निर्यात 57.95 प्रतिशत घट गया। पिछले महीने इस क्षेत्र से कुल आयात में भी 51.64 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वाणिज्य सचिव ने ये भी कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) अगले महीने से लागू हो सकता है।