1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. सोने की खरीद से पहले झटका! RBI के नए नियम से बुलियन कारोबारियों में मचा हड़कंप

सोने की खरीद से पहले झटका! RBI के नए नियम से बुलियन कारोबारियों में मचा हड़कंप

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Jan 17, 2026 12:50 pm IST,  Updated : Jan 17, 2026 12:50 pm IST

देश में सोना-चांदी के कारोबार से जुड़े लोगों को बड़ा झटका लगा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुलियन आयात को लेकर नियमों में सख्ती करते हुए सोना और चांदी मंगाने के लिए एडवांस रेमिटेंस पर रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद बुलियन कारोबारियों और आयातकों में हड़कंप मच गया है।

सोना-चांदी इंपोर्ट पर...- India TV Hindi
सोना-चांदी इंपोर्ट पर RBI की बड़ी सख्ती Image Source : RBI

देश में सोना-चांदी के कारोबार से जुड़े लोगों के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बड़ा झटका दिया है। केंद्रीय बैंक ने बुलियन यानी सोना और चांदी के आयात पर एडवांस रेमिटेंस (पहले भुगतान) पर रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद बुलियन कारोबारियों और इंपोर्टर्स में हलचल मच गई है। माना जा रहा है कि RBI का यह कदम मनी लॉन्ड्रिंग और फंड्स के गलत इस्तेमाल को रोकने की दिशा में उठाया गया है।

भारत में कच्चा तेल और सोना मूल्य के हिसाब से सबसे बड़े आयातित उत्पादों में शामिल हैं। अब तक कई मामलों में ऐसा देखा गया है कि आयात के नाम पर विदेश भेजा गया पैसा वापस देश में सामान के रूप में नहीं लौटता। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति में विदेशी भुगतान का दुरुपयोग मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जा सकता है। नुवामा के फॉरेक्स और कमोडिटी हेड साजल गुप्ता के मुताबिक, “जब एडवांस पेमेंट के बावजूद सोना या अन्य धातु नहीं आती, तो बाहर गया पैसा संदिग्ध एक्टिविटी अटैच हो सकती है। RBI संभवतः इसी रास्ते को बंद करना चाहता है।”

नए फॉरेक्स नियम लागू

हालांकि, RBI ने अपने नए फॉरेक्स मैनेजमेंट नियमों में इस रोक के पीछे की ठोस वजहें स्पष्ट रूप से नहीं बताई हैं। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि नए नियमों का उद्देश्य प्रक्रियाओं को सरल बनाना और उनमें एकरूपता लाना है। इसी क्रम में RBI ने इंपोर्ट-एक्सपोर्ट के लिए थर्ड पार्टी पेमेंट और रिसीट की अनुमति भी दी है। इसके तहत एक ही विदेशी खरीदार या सप्लायर, या उनकी ग्रुप कंपनियों के बीच निर्यात और आयात की देनदारियों का कॉम्बिनेशन अब बैंकों की अलग अनुमति के बिना किया जा सकेगा।

एडवांस राशि लौटाना जरूरी

RBI ने यह भी साफ किया है कि अगर तय समय या बढ़ाई गई अवधि में आयात नहीं हो पाता है, तो इंपोर्टर को एडवांस में भेजी गई राशि वापस देश में लानी होगी। ऐसा न करने पर भविष्य में एडवांस रेमिटेंस के लिए सख्त शर्तें लागू होंगी, जैसे इंटरनेशनल बैंक की गारंटी या इंडियन रजिस्टर्ड डीलर द्वारा काउंटर गारंटी।

अन्य आयात पर सख्ती

सोना और चांदी को छोड़कर अन्य वस्तुओं के आयात में अब बैंकों को एडवांस पेमेंट की सीमा तय करने का अधिकार दिया गया है। तय सीमा से ज्यादा भुगतान पर स्टैंडबाय लेटर ऑफ क्रेडिट या गारंटी अनिवार्य हो सकती है। RBI ने साफ किया है कि नियमों के पालन की पूरी जिम्मेदारी बैंकों की होगी।

1 अक्टूबर से नियम

ये नए नियम 1 अक्टूबर से लागू होंगे। RBI का कहना है कि यह बदलाव खासतौर पर छोटे इंपोर्टर्स और एक्सपोर्टर्स के लिए ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किए गए हैं, हालांकि बुलियन कारोबार पर इसका असर साफ तौर पर दिखाई देगा।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा

rbi