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Oil Price Cut: रसोई की महंगाई से बड़ी राहत, इस बड़ी कंपनी ने घटा दिए खाने के तेल के दाम

मशहूर ब्रांड धारा ने सरसों, सूरजमुखी और सोयाबीन तेल की कीमतों में कटौती की घोषणा की है। बता दें कि धारा दिल्ली-एनसीआर की डेयरी कंपनी मदर डेयरी का ब्रांड है।

India TV Paisa Desk Edited by: India TV Paisa Desk
Updated on: June 17, 2022 10:56 IST
Edible oil- India TV Hindi News
Photo:FILE

Edible oil

Highlights

  • मशहूर ब्रांड धारा ने सरसों, सूरजमुखी और सोयाबीन तेल की कीमतों में कटौती की
  • मदर डेयरी ने कहा है कि वैश्विक बाजारों में खाद्य तेलों के दाम नीचे आए हैं
  • खाद्य तेलों की एमआरपी में 15 रुपये प्रति लीटर तक की कमी की जा रही है

इस साल मार्च से महंगाई की बेतहाशा रफ्तार ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है। स्कूटर चलाने के तेल से लेकर रसोई में खाना पकाने के तेल की कीमतों ने आम आदमी के पसीने छुड़ा दिए हैं। लेकिन लगता है कि बुरा वक्त टल गया है। पेट्रोल डीजल में कटौती के बाद अब खाने के तेल में भी गिरावट आने लगी है। देश की प्रमुख खाद्य तेल कंपनियां कीमतों में कटौती कर रही हैं। 

धारा के तेल हुए 15 रुपये सस्ते 

इस बीच मशहूर ब्रांड धारा ने सरसों, सूरजमुखी और सोयाबीन तेल की कीमतों में कटौती की घोषणा की है। बता दें कि धारा दिल्ली-एनसीआर की डेयरी कंपनी मदर डेयरी का ब्रांड है। धारा तेल की कीमतों में तेल की कीमतों में 15 रुपये प्रति लीटर तक की कमी की गई है। मदर डेयरी ने कहा है कि वैश्विक बाजारों में खाद्य तेलों के दाम नीचे आए हैं। इसी के मद्देनजर उसने यह कदम उठाया है। 

Dhara Oil Prices
Image Source : FILE
Dhara Oil Prices

सरकार की कोशिशों की वजह से घटे दाम 

मदर डेयरी ने एक बयान में कहा, ‘‘धारा खाद्य तेलों की एमआरपी में 15 रुपये प्रति लीटर तक की कमी की जा रही है।’’ कीमतों में यह कमी हाल की सरकार की पहल, अंतरराष्ट्रीय बाजारों का प्रभाव कम होने और सूरजमुखी तेल की उपलब्धता बढ़ने की वजह से हुई है। नए एमआरपी के साथ धारा खाद्य तेल अगले सप्ताह तक बाजार में पहुंच जाएगा। 

60 प्रतिशत तेल इंपोर्ट करता है भारत 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में उच्च दरों के कारण पिछले एक साल से खाद्य तेल की कीमतें बहुत ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। घरेलू मांग को पूरा करने के लिए भारत सालाना लगभग 1.3 करोड़ टन खाद्य तेलों का इंपोर्ट करता है। खाद्य तेलों के लिए देश की इंपोर्ट पर निर्भरता 60 प्रतिशत की है। 

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