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GST परिषद की बैठक में ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों के टैक्सेशन पर होगी चर्चा, एजेंडे में ये मुद्दे भी शामिल

 Edited By: Alok Kumar
 Published : Sep 02, 2024 08:16 pm IST,  Updated : Sep 02, 2024 08:16 pm IST

जीएसटी परिषद ने अगस्त, 2023 में अपनी बैठक में स्पष्ट किया था कि ऑनलाइन गेमिंग मंचों को 28 प्रतिशत कर का भुगतान करना होगा। बाद में कराधान प्रावधान को स्पष्ट करने के लिए केंद्रीय जीएसटी कानून में संशोधन किया गया था।

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ऑनलाइन गेमिंग Image Source : FILE

GST परिषद की 54वीं बैठक नौ सितंबर को होगी। इस बैठक में ऑनलाइन गेमिंग पर टैक्सेशन के मामले में चर्चा हो सकती है। इसके अलावा फर्जी माल एवं सेवा कर पंजीकरण के खिलाफ जारी अभियान की प्रगति पर भी विचार किये जाने की उम्मीद है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। परिषद जीएसटी कानून में संशोधनों को प्रभावी बनाने के लिए अधिसूचनाओं को भी मंजूरी देगी। केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाली परिषद में राज्यों के वित्त मंत्री शामिल हैं। इसमें दो मंत्री समूहों (जीओएम) की रिपोर्ट पर भी चर्चा होगी। इसमें एक दरों को युक्तिसंगत बनाने और दूसरा रियल एस्टेट से जुड़ा है। 

‘स्थिति रिपोर्ट’ पेश करेंगे अधिकारी

ऑनलाइन गेमिंग के संबंध में केंद्र और राज्य कर अधिकारी जीएसटी परिषद के समक्ष ‘स्थिति रिपोर्ट’ पेश करेंगे। रिपोर्ट में एक अक्टूबर, 2023 से पहले और बाद में ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र से होने वाले जीएसटी राजस्व संग्रह का ब्योरा शामिल होगा। ऑनलाइन गेमिंग मंच और कसीनो पर एक अक्टूबर, 2023 से प्रवेश स्तर के दांव पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाया गया। इससे पहले, कई ऑनलाइन गेमिंग कंपनियां यह तर्क देते हुए 28 प्रतिशत जीएसटी का भुगतान नहीं कर रही थीं कि कौशल आधारित और किस्मत आधारित खेलों के लिए कर की दरें अलग-अलग थीं। 

छह महीने बाद समीक्षा की बात कही गई थी 

जीएसटी परिषद ने अगस्त, 2023 में अपनी बैठक में स्पष्ट किया था कि ऑनलाइन गेमिंग मंचों को 28 प्रतिशत कर का भुगतान करना होगा। बाद में कराधान प्रावधान को स्पष्ट करने के लिए केंद्रीय जीएसटी कानून में संशोधन किया गया था। विदेशी गेमिंग मंचों को भी जीएसटी अधिकारियों के पास पंजीकरण करना और करों का भुगतान करना अनिवार्य किया गया। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो सरकार वैसी साइट को ब्लॉक कर देगी। परिषद ने तब निर्णय लिया था कि इसके क्रियान्वयन के छह महीने बाद ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र पर कराधान की समीक्षा की जाएगी। सूत्रों ने कहा कि परिषद क्षेत्र पर कराधान की स्थिति पर विचार-विमर्श करेगी और कर दरों में किसी प्रकार के बदलाव की संभावना नहीं है। 

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