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बिना रजिस्ट्रेशन वाले कारोबारों में हुई तेज बढ़ोतरी, 74 लाख से अधिक रोजगार जुड़े, जानें पूरी बात

 Edited By: Sourabha Suman
 Published : May 06, 2026 07:12 pm IST,  Updated : May 06, 2026 07:12 pm IST

सरकार की इस पहल के तहत वार्षिक असंगठित क्षेत्र उद्यम सर्वेक्षण 2025 के लिए कुल 6,70,289 प्रतिष्ठानों से डेटा एकत्र किया गया, जिनमें 2,94,144 ग्रामीण क्षेत्र के थे।

आर्थिक प्रदर्शन के प्रमुख संकेतक सकल मूल्य वर्धन (GVA) में भी 10.87 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।- India TV Hindi
आर्थिक प्रदर्शन के प्रमुख संकेतक सकल मूल्य वर्धन (GVA) में भी 10.87 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। Image Source : AI IMAGE

सरकार द्वारा जारी एक ताज़ा सर्वे के अनुसार, देश में बिना पंजीकृत या अनइन्कॉरपोरेटेड व्यवसायों में 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इनकी संख्या बढ़कर 7.92 करोड़ हो गई है। इस दौरान जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच इस क्षेत्र ने 74.52 लाख नए रोजगार भी पैदा किए। पीटीआई की खबर के मुताबिक, यह जानकारी सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी वार्षिक असंगठित क्षेत्र उद्यम सर्वेक्षण 2025 में सामने आई है। यह सर्वेक्षण विनिर्माण, व्यापार और सेवा क्षेत्रों (निर्माण को छोड़कर) में काम करने वाले प्रतिष्ठानों की आर्थिक और संचालन संबंधी स्थिति का आकलन करता है, जो नीति निर्माण के लिए महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करता है।

प्रतिष्ठानों की संख्या में 7.97 प्रतिशत की वृद्धि

सर्वे के अनुसार, इस क्षेत्र में प्रतिष्ठानों की संख्या पिछले सर्वे (अक्टूबर 2023 से सितंबर 2024) के 7.34 करोड़ से बढ़कर 7.92 करोड़ हो गई, जो 7.97 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। इसी अवधि में इस क्षेत्र का कुल कार्यबल बढ़कर 12.81 करोड़ हो गया। यह वृद्धि मुख्य रूप से रोजगार विस्तार और नए प्रतिष्ठानों के जुड़ने के कारण हुई है। क्षेत्रवार विश्लेषण में 'अन्य सेवाएं' में सबसे अधिक 10.29 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसके बाद विनिर्माण क्षेत्र में 6.48 प्रतिशत और व्यापार क्षेत्र में 6.18 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

ये राज्य रहे आगे

आर्थिक प्रदर्शन के प्रमुख संकेतक सकल मूल्य वर्धन (GVA) में भी 10.87 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसमें व्यापार क्षेत्र ने 16.77 प्रतिशत की सबसे तेज वृद्धि दिखाई, जबकि विनिर्माण में 8.52 प्रतिशत और अन्य सेवाओं में 7.36 प्रतिशत की वृद्धि हुई। राज्यवार आंकड़ों में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में सबसे अधिक प्रतिष्ठान पाए गए। इन तीन राज्यों में ही कुल कार्यबल का एक-तिहाई से अधिक हिस्सा कार्यरत है। महिला भागीदारी में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई। कुल कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 29 प्रतिशत रही, जिनमें से लगभग 22 प्रतिशत वस्त्र निर्माण क्षेत्र में कार्यरत थीं।

ज्यादातर प्रतिष्ठानों का नेतृत्व महिलाओं के हाथ में

विनिर्माण क्षेत्र में 60 प्रतिशत से अधिक प्रतिष्ठानों का नेतृत्व महिलाओं के हाथ में पाया गया। कुल मिलाकर, महिला-प्रधान प्रतिष्ठानों का प्रतिशत 26.17 प्रतिशत से बढ़कर 26.93 प्रतिशत हो गया है, जो महिला उद्यमिता में धीरे-धीरे बढ़ते रुझान को दर्शाता है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि पंजीकृत प्रतिष्ठानों का हिस्सा मामूली रूप से बढ़कर 37.50 प्रतिशत हो गया है, जो व्यवसायों के औपचारिककरण की धीमी लेकिन स्थिर गति को दर्शाता है। 

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