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UPI का बढ़ता दबदबा! 55 करोड़ से ज्यादा यूजर्स, ₹314 लाख करोड़ के ट्रांजैक्शन ने तोड़े सारे पुराने रिकॉर्ड

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Jul 20, 2026 10:07 pm IST,  Updated : Jul 20, 2026 10:21 pm IST

भारत में डिजिटल भुगतान का सबसे लोकप्रिय माध्यम UPI लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक जून 2026 तक UPI प्लेटफॉर्म से 55.49 करोड़ से ज्यादा यूजर्स जुड़ चुके हैं। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में UPI के जरिए 24,161.69 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू ₹314.23 लाख करोड़ रही।

UPI पेमेंट ने बनाया...- India TV Hindi
UPI पेमेंट ने बनाया रिकॉर्ड Image Source : ANI

भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने वित्त वर्ष 2025-26 में एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। देश में जून 2026 तक UPI से जुड़ने वाले यूजर्स की संख्या 55.49 करोड़ पहुंच गई है। वहीं, पूरे वित्त वर्ष के दौरान UPI के जरिए 24,161.69 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू 314.23 लाख करोड़ रुपये रही। ये आंकड़े दिखाते हैं कि भारत में डिजिटल भुगतान अब लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है।

वित्त मंत्रालय की ओर से लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, FY2024-25 में UPI के जरिए 18,586.60 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए थे, जिनकी कुल वैल्यू 260.56 लाख करोड़ रुपये थी। इसके मुकाबले FY2025-26 में ट्रांजैक्शन की संख्या और कुल रकम दोनों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे साफ है कि देश में नकद भुगतान की जगह डिजिटल पेमेंट तेजी से ले रहा है।

सरकार ने सुरक्षा को भी बनाया और मजबूत

डिजिटल लेनदेन बढ़ने के साथ-साथ सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने सुरक्षा को भी मजबूत किया है। फर्जी ट्रांजैक्शन रोकने के लिए जोखिम आधारित ट्रांजैक्शन लिमिट लागू की गई है। इसके अलावा मोबाइल नंबर बदलने से जुड़े फ्रॉड पर रोक, SMS आधारित ऑथेंटिकेशन की सुरक्षा और UPI ऐप्स के लिए सख्त सुरक्षा मानकों को लागू किया गया है। NPCI ने कॉम्प्रिहेंसिव यूपीआई इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी फ्रेमवर्क (CUISF) 2025 और मोबाइल एप्लिकेशन सिक्योरिटी फ्रेमवर्क भी लागू किया है, जिससे UPI नेटवर्क पहले से ज्यादा सेफ और भरोसेमंद बन सके।

अब विदेशों में भी बढ़ रहा UPI का दायरा

UPI अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। NPCI की सहयोगी संस्था NPCI इंटरनेशनल पेमेंट लिमिटेड (NIPL) के जरिए इसे कई देशों तक पहुंचाया जा रहा है। इसका फायदा भारतीय पर्यटकों और विदेशों में रहने वाले भारतीयों को मिल रहा है, जो आसानी से सीमा पार डिजिटल भुगतान कर पा रहे हैं। हाल ही में ग्रीस, नेपाल (P2P) और कंबोडिया जैसे देशों को भी UPI नेटवर्क से जोड़ा गया है। इससे भारतीय डिजिटल पेमेंट सिस्टम की वैश्विक पहचान और मजबूत हुई है।

डिजिटल इंडिया को मिल रही नई रफ्तार

UPI के बढ़ते यूजर बेस और रिकॉर्ड ट्रांजैक्शन यह साबित करते हैं कि भारत डिजिटल अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सुरक्षित, तेज और आसान भुगतान व्यवस्था ने न सिर्फ लोगों की सुविधा बढ़ाई है, बल्कि देश को वैश्विक डिजिटल पेमेंट लीडर के रूप में भी स्थापित किया है।

इनपुट- ANI

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