PhonePe, Google Pay, Paytm जैसे UPI यूजर्स के लिए NPCI नया फीचर ला रहा है। अब यूजर्स को एक ही ऐप में सभी ऐप्स के ऑटोमैटिक पेमेंट दिखेगा। इस फीचर को लाने का मकसद यूजर को एक ही जगह खास सुविधा देना है। OTT सब्सक्रिप्शन हो या फिर बिल पेमेंट इन सबके लिए यूजर्स ऑटोमैटिक पेमेंट चुनते हैं। अगर, यूजर ने एक ऑटोमैटिक पेमेंट Paytm से और एक गूगल पे से लिया है, तो यूजर को एक ही जगह सभी ऑटोमैटिक पेमेंट की लिस्ट दिखाई देगा।
तैयार हो रहा नया सिस्टम
ET Telecom की रिपोर्ट के मुताबिक, NPCI ऐसे इंटरफेस या सॉफ्टवेयर सिस्टम तैयार कर रहा है, जिसे सभी UPI ऐप्स के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। ऐसे में यूजर्स को ऑटोमैटिक पेमेंट को मैनेज करने में आसानी होगी। फिलहाल यूजर्स को अपने ऑटोमैटिक पेमेंट को मैनेज करने के लिए अलग-अलग ऐप पर जाना होता है। NPCI का यह फीचर लोगों का यह काम आसान बना देगा।
क्या होगा फायदा?
रिपोर्ट के मुताबिक, UPI का ऑटोपे फीचर पिछले कुछ साल में काफी लोकप्रिय हो रहा है। NPCI के डेटा के मुताबिक, मई में टॉप 10 बैंकों ने 1.6 बिलियन ई-मैंडेट ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए हैं। यह पिछले मई के 577 मिलियन ट्रांजैक्शन के मुकाबले लगभग तीन गुना ज्यादा है। हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रांजैक्शन बढ़ने के साथ-साथ ट्रांजैक्शन रिजेक्ट की संख्यां में भी बढ़ोतरी हुई है।
देश के सबसे बड़े पब्लिक सेक्टर के बैंक SBI के केवल 30 प्रतिशत ट्रांजैक्शन ही ऑटो पे के जरिए मंजूर होते हैं। ऐसे में रिजेक्शन की संख्यां 70% है। ये ट्रांजैक्शन अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस नहीं होने की वजह से होते हैं। NPCI के इस फीचर से यूजर्स ऑटो-पे को मैनेज करके इन रिजेक्शन को बचा सकते हैं। मैंडेट रिजेक्ट होने की वजह से यूजर्स को इसका फाइन भी भरना पड़ता है।
एक ही जगह मैनेज होंगे ऑटो पे
फिलहाल यूजर्स NPCI के हेल्प पोर्टल पर जाकर ई-मैंडेट से जुड़े सवाल पूछ सकते हैं। इस पोर्टल को पिछले साल लॉन्च किया गया था। यह एक चैटबॉट बेस्ड पोर्टल है, जहां यूजर्स के सवालों का जवाब एक ही जगह मिलता है। UPI ऐप में मिलने वाले इस नए फीचर का फायदा देश के करोड़ों यूजर्स को होगा और वो आसानी से अपने ऑटोमैटिक पेमेंट्स को एक ही जगह, एक ही ऐप में मैनेज कर पाएंगे। उन्हें अलग-अलग ऐप्स पर नहीं जाना होगा।
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