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अमेरिका ने भारत को 1.17 अरब डॉलर के एमएच-60आर हेलीकॉप्टर इक्विपमेंट्स बेचने की दी मंजूरी

Edited By: Sourabha Suman @sourabhasuman Published : Dec 03, 2024 11:48 am IST, Updated : Dec 03, 2024 11:55 am IST

बाइडेन प्रशासन ने भारत को प्रमुख रक्षा उपकरणों की बिक्री को मंजूरी अपने चार साल के कार्यकाल के पूरा होने से कुछ हफ्ते पहले दी। निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी, 2025 को संयुक्त राज्य अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे।

इस बिक्री के मुख्य ठेकेदार लॉकहीड मार्टिन रोटरी और मिशन सिस्टम है।- India TV Paisa
Photo:LOCKHEED MARTIN इस बिक्री के मुख्य ठेकेदार लॉकहीड मार्टिन रोटरी और मिशन सिस्टम है।

भारत को MH-60R मल्टी-मिशन हेलीकॉप्टर उपकरण और संबंधित उपकरण अमेरिका से मिलने का रास्ता साफ हो गया है। बाइडेन प्रशासन ने संबंधित उपकरणों की बिक्री को मंजूरी दे दी है। इन उपकरणों की खरीद की लागत 1.17 बिलियन डॉलर है। राजनीतिक-सैन्य मामले, अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी ने कांग्रेस को एक नोटिफिकेशन में कहा कि प्रस्तावित बिक्री भारत की पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमताओं को उन्नत करके वर्तमान और भविष्य के खतरों को रोकने की क्षमता में सुधार करेगी।

कार्यकाल के पूरा होने से कुछ हफ्ते पहले दी मंजूरी

खबर के मुताबिक, बाइडेन प्रशासन ने भारत को प्रमुख रक्षा उपकरणों की बिक्री को मंजूरी अपने चार साल के कार्यकाल के पूरा होने से कुछ हफ्ते पहले दी। निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी, 2025 को संयुक्त राज्य अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे। नोटिफिकेशन में बताया गया है कि भारत ने 30 बहुक्रियाशील सूचना वितरण प्रणाली-संयुक्त सामरिक रेडियो सिस्टम सुविधाओं का अध्ययन, डिजाइन, निर्माण और सहायता, सहायता और परीक्षण उपकरण, युद्ध सामग्री खरीदने की अपील की है।

इन्हें करनी होगी भारत यात्रा

इस बिक्री के मुख्य ठेकेदार लॉकहीड मार्टिन रोटरी और मिशन सिस्टम है। बिक्री को अमल में लाने के लिए कार्यक्रम तकनीकी सहायता और प्रबंधन निरीक्षण के लिए अस्थायी आधार पर 20 अमेरिकी सरकार या 25 ठेकेदार प्रतिनिधियों की भारत यात्रा की जरूरत होगी। यह प्रस्तावित बिक्री, अमेरिका की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों को समर्थन प्रदान करेगी, जिससे अमेरिका-भारत रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने में मदद मिलेगी और एक प्रमुख रक्षा साझेदार की सुरक्षा में सुधार होगा।

प्रस्तावित बिक्री से भारत सरकार की पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमताओं को उन्नत करके वर्तमान और भविष्य के खतरों को रोकने की क्षमता में सुधार होगा। भारत को अपने सशस्त्र बलों में इन उपकरणों और सेवाओं को शामिल करने में कोई कठिनाई नहीं होगी। राजनीतिक-सैन्य मामले, अमेरिकी विदेश विभाग का कहना है कि इस उपकरण और सहायता की प्रस्तावित बिक्री से क्षेत्र में बुनियादी सैन्य संतुलन में कोई बदलाव नहीं आएगा।

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