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US Visa Policy: मोटापा समेत इन बीमारियों से आप हैं पीड़ित, तो अमेरिका रिजेक्ट कर सकता है आपका वीजा

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Nov 07, 2025 02:58 pm IST,  Updated : Nov 07, 2025 02:58 pm IST

अमेरिका की वीजा पॉलिसी में हाल ही में बड़ा बदलाव किया गया है, जिससे विदेशियों के लिए अमेरिकी सपनों तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है। नई गाइडलाइन के तहत, अगर कोई आवेदक मोटापे, डायबिटीज, दिल की बीमारी या किसी अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित है, तो उसका वीजा रिजेक्ट किया जा सकता है।

अमेरिका की वीजा...- India TV Hindi
अमेरिका की वीजा पॉलिसी ने बढ़ा दी लोगों की चिंता Image Source : CANVA

अमेरिका की वीजा पॉलिसी में बड़ा बदलाव हुआ है, जिससे विदेशियों के लिए अमेरिकी सपनों का रास्ता मुश्किल हो सकता है। ट्रंप प्रशासन की नई गाइडलाइन के मुताबिक, अगर आप मोटापे, डायबिटीज, दिल की बीमारी या अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं, तो अमेरिका आपका वीजा रिजेक्ट कर सकता है। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अमेरिका में रहने वाले लोग सरकार पर मेडिकल खर्च का बोझ न बढ़ाएं।

वीजा आवेदकों की स्वास्थ्य जांच

सीबीएस न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने दूतावासों और कांसुलेट्स को कहा है कि वीज़ा लेने वालों की सेहत पर ध्यान दें। नई नियमों के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति को लगता है कि वह अमेरिका में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं पर निर्भर हो सकता है, तो उसे पब्लिक चार्ज यानी सार्वजनिक बोझ माना जा सकता है। इस नियम में सिर्फ वीजा आवेदक ही नहीं, बल्कि उसके बच्चे और बुजुर्ग माता-पिता जैसी आश्रितों की सेहत को भी देखा जाएगा।

ज्यादा अधिकार वीजा अधिकारियों को

विशेषज्ञों का कहना है कि पहले भी वीजा आवेदन में स्वास्थ्य जांच होती थी, लेकिन इस नए आदेश से वीजा अधिकारियों को ज्यादा अधिकार मिल गए हैं। वे आवेदक के स्वास्थ्य खर्च और संभावित जोखिम को देखते हुए वीजा रिजेक्ट कर सकते हैं। ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि कार्डियोवैस्कुलर, श्वसन रोग, कैंसर, मेटाबॉलिक रोग, न्यूरोलॉजिकल और मेंटल हेल्थ जैसी बीमारियों पर ध्यान दिया जाएगा। मोटापे को भी गंभीर माना जाएगा क्योंकि यह हाई ब्लड प्रेशर और अस्थमा जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है।

नए नियमों का इमिग्रेशन असर

इस नई पॉलिसी का मकसद अमेरिका में इमिग्रेशन को और कड़ा करना है। पिछले कुछ सालों में व्हाइट हाउस ने विदेशियों की संख्या कम की है, शरणार्थियों को अमेरिका आने में रोक लगाई है और वीजा की अलग-अलग श्रेणियों के नियम सख्त किए हैं। इसके अलावा, अस्थायी वीजा जैसे H-1B वीजा, छात्रों और विदेशी मीडिया प्रतिनिधियों के लिए भी नियम बदले गए हैं।

आवेदकों को तैयारी जरूरी

इस कदम से स्वास्थ्य संबंधी कमजोरियों वाले आवेदकों को अमेरिका में वीजा मिलने की संभावना कम हो जाएगी और यह पॉलिसी अमेरिका में पब्लिक हेल्थ खर्च को कंट्रोल करने के उद्देश्य से लागू की गई है। इस नई गाइडलाइन के चलते विदेशियों को वीजा आवेदन से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति और वित्तीय संसाधनों का आंकलन करना आवश्यक होगा।

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