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बांग्लादेश को भारी पड़ेंगे हिंसक विरोध प्रदर्शन, ADB ने घटा दी GDP ग्रोथ रेट, इकोनॉमी को झटका

 Edited By: Pawan Jayaswal
 Published : Sep 25, 2024 02:16 pm IST,  Updated : Sep 25, 2024 02:16 pm IST

उच्च मुद्रास्फीति, जटिल वैश्विक मौद्रिक स्थितियों और अन्य व्यापक आर्थिक चुनौतियों के कारण बांग्लादेश में मांग दबी हुई है। हिंसक विरोध प्रदर्शनों तथा हाल में आई बाढ़ के कारण चालू वित्त वर्ष के लिए देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के ग्रोथ रेट अनुमान को घटा दिया गया है।

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बांग्लादेश जीडीपी ग्रोथ रेट Image Source : FILE

एशियाई विकास बैंक (ADB) ने बांग्लादेश की आर्थिक वृद्धि के अपने अनुमान को घटाकर 5.1 प्रतिशत कर दिया है। इसका मुख्य कारण देश में जुलाई-अगस्त में राजनीतिक अशांति के कारण सप्लाई में आई बाधा है। समाचार पत्र ‘द डेली स्टार’ की खबर के अनुसार, एशियाई विकास बैंक ने पहले अनुमान लगाया था कि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए दक्षिण एशियाई देश में वस्तुओं तथा सेवाओं का समग्र उत्पादन 6.6 प्रतिशत बढ़ेगा। मनीला स्थित बहुपक्षीय ऋणदाता ने कहा कि उसने हिंसक विरोध प्रदर्शनों तथा हाल में आई बाढ़ के कारण चालू वित्त वर्ष के लिए देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के अनुमान को घटा दिया है।

खपत में आएगी और कमी

एडीबी ने कहा कि राजकोषीय और मौद्रिक नीतियां कड़ी बनी रहने के आसार हैं, जिससे उपभोग तथा निवेश मांग में और कमी आएगी। पूर्वानुमान अत्यधिक अनिश्चित है, क्योंकि व्यापक आर्थिक दृष्टिकोण पर काफी नकारात्मक जोखिम मंडरा रहा है। इसमें कहा गया, ‘‘ ये जोखिम मुख्य रूप से राजनीतिक अस्थिरता, कमजोर कानून-व्यवस्था की स्थिति और वित्तीय क्षेत्र की कमजोरियों से उत्पन्न होते हैं।’’ एडीबी का नवीनतम पूर्वानुमान विश्व बैंक के जून के अनुमान से कम है, जिसमें वित्त वर्ष 2024-25 के लिए बांग्लादेश की आर्थिक वृद्धि 5.7 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था।

महंगाई कर रही परेशान

एडीबी ने पाया कि उच्च मुद्रास्फीति, जटिल वैश्विक मौद्रिक स्थितियों और अन्य व्यापक आर्थिक चुनौतियों के कारण मांग दबी हुई है। उसने कहा, ‘‘ कमोडिटी व एनर्जी की उच्च कीमतों और मुद्रा अवमूल्यन के कारण मुद्रास्फीति उच्च बनी हुई है। निर्यात तथा आयात दोनों में गिरावट के कारण चालू खाता घाटा कम हुआ है।’’ संगठन ने महंगाई के डबल डिजिट तक बढ़ने का अनुमान भी लगाया है। व्यापक छात्र विरोध प्रदर्शनों के उग्र होने के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफा देकर देश छोड़ने के लिए मजबूर होने पर नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने आठ अगस्त को अंतरिम सरकार के प्रमुख के तौर पर शपथ ली थी। यूनुस (84) ने हाल ही में न्यायपालिका, चुनाव प्रणाली, प्रशासन, पुलिस, भ्रष्टाचार रोधी आयोग और संविधान में सुधार के लिए छह आयोगों के गठन की घोषणा की है।

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