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डेड इकॉनमी कहने वाले ट्रंप अब क्या करेंगे? S&P ने भारत की रेटिंग बढ़ाई, इकोनॉमी को लेकर कही ये बात

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Aug 14, 2025 04:54 pm IST,  Updated : Aug 14, 2025 05:16 pm IST

ट्रंप ने 27 अगस्त से भारतीय वस्तुओं पर अबतक का सबसे अधिक 50 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की है। साख में सुधार से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय कंपनियों के लिए कर्ज की लागत में कमी आएगी।

S&P- India TV Hindi
एसएंडपी Image Source : FILE

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत की इकोनॉमी को डेड इकॉनमी कहा था। अब उनको किसी और से नहीं, बल्कि वैश्विक रेटिंग एजेंसी एसएंडपी से तगड़ा जवाब मिल गया है। एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने गुरुवार को भारत की साख को एक पायदान बढ़ाकर ‘बीबीबी’ कर दिया। मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने वाले बेहतर मौद्रिक नीति उपायों के साथ मजबूत आर्थिक वृद्धि का हवाला देते रेटिंग बढ़ायी गयी है। भारत की रेटिंग को निम्नतम निवेश स्तर ‘बीबीबी-’ से बढ़ाने वाली एसएंडपी पहली वैश्विक रेटिंग एजेंसी है। एसएंडपी ने एक बयान में कहा, ‘‘भारत राजकोषीय मजबूती को प्राथमिकता दे रहा है। यह मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार करने के अभियान को बनाए रखते हुए, स्थायी सार्वजनिक वित्त प्रदान करने को लेकर सरकार की राजनीतिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।’’ 

अमेरिकी रेटिंग एजेंसी है एसएंडपी

बयान के अनुसार, एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने भारत की दीर्घकालीन ‘सॉवरेन’ साख को ‘बीबीबी-’ से बढ़ाकर 'बीबीबी' और अल्पकालिक रेटिंग को ‘ए-3’ से बढ़ाकर ‘ए-2’ कर दिया है। अमेरिकी एजेंसी ने बयान में कहा कि दीर्घकालिक रेटिंग का परिदृश्य स्थिर है। एसएंडपी ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर अमेरिकी शुल्क का असर प्रबंधन के दायरे में होगा। भारत व्यापार पर अपेक्षाकृत कम निर्भर है और इसकी लगभग 60 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि घरेलू खपत से आती है।’’ बयान के अनुसार, हालांकि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, लेकिन 50 प्रतिशत शुल्क (यदि लगाया जाता है) से वृद्धि पर कोई बड़ा असर पड़ने की आशंका नहीं है। 

19 साल बाद रेटिंग सुधारा 

रेटिंग एजेंसी ने मजबूत आर्थिक वृद्धि, राजकोषीय मजबूती के लिए राजनीतिक प्रतिबद्धता और महंगाई को काबू में लाने के लिए बेहतर मौद्रिक नीति उपायों का हवाला देते हुए 19 साल बाद भारत की रेटिंग बढ़ायी है। एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने कहा, ‘‘भारत दुनिया में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। पिछले पांच-छह साल में सरकारी खर्च की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।’’ एसएंडपी ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर अमेरिकी शुल्क का असर प्रबंधन के दायरे में होगा। भारत पर अगर 50 प्रतिशत शुल्क लगाया जाता है तो इससे वृद्धि पर कोई बड़ा असर पड़ने की आशंका नहीं है। एजेंसी ने कहा, ‘‘भारत व्यापार पर अपेक्षाकृत कम निर्भर है और इसकी लगभग 60 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि घरेलू खपत से आती है।’’ अमेरिकी एजेंसी की रेटिंग में यह सुधार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत को ‘मृत अर्थव्यवस्था’ कहे जाने के कुछ दिन बाद आया है। 

ट्रंप ने लगाया 50 प्रतिशत टैरिफ

ट्रंप ने 27 अगस्त से भारतीय वस्तुओं पर अबतक का सबसे अधिक 50 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की है। साख में सुधार से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय कंपनियों के लिए कर्ज की लागत में कमी आएगी। एसएंडपी ने जनवरी 2007 में भारत को सबसे निचले निवेश स्तर की रेटिंग ‘बीबीबी-’ दी थी। यह किसी वैश्विक रेटिंग एजेंसी द्वारा साख में पहला सुधार है जिसमें भारत को सबसे निचले निवेश स्तर से एक पायदान ऊपर की रेटिंग दी गयी है। ‘बीबीबी’ निवेश स्तर की रेटिंग है और यह देश की अपने कर्ज दायित्वों को आसानी से चुकाने की बेहतर क्षमता को बताती है। एसएंडपी ने पिछले साल मई में भारत के क्रेडिट रेटिंग परिदृश्य को ‘स्थिर’ से बदलकर ‘सकारात्मक’ कर दिया था। साथ ही संकेत दिया था कि अगले 24 महीनों में रेटिंग में सुधार हो सकता है। 

कोरोना के बाद शानदार प्रदर्शन

एसएंडपी ने कहा, ‘‘भारत का महामारी के निचले स्तर से उबरना इसे दुनिया की सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनाता है। आर्थिक विस्तार अच्छी गति के साथ अधिक टिकाऊ स्तर की ओर बढ़ रहा है और यह स्थिति सामान्य हो रही है। हमारा अनुमान है कि उपभोक्ता और सार्वजनिक निवेश की मजबूती वित्त वर्ष 2025-26 में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर को 6.5 प्रतिशत और अगले तीन साल में औसतन 6.8 प्रतिशत तक पहुंचाएगी।’’ 

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