एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स का मानना है कि भारत की वित्तीय कंपनियां या संस्थान देश की मजबूत आर्थिक विकास दर का फायदा लेती रहेंगी। एजेंसी ने यह भी कहा कि भारत की मौद्रिक नीति अब महंगाई नियंत्रण के लिए अधिक सक्षम होती जा रही है।
ट्रंप ने 27 अगस्त से भारतीय वस्तुओं पर अबतक का सबसे अधिक 50 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की है। साख में सुधार से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय कंपनियों के लिए कर्ज की लागत में कमी आएगी।
ओईसीडी ने मार्च में अनुमान लगाया था कि भारत की वृद्धि दर पहले के 6.9 प्रतिशत के अनुमान से घटकर 6.4 प्रतिशत रह जाएगी। इसी तरह, फिच रेटिंग्स ने वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था, जबकि एसएंडपी ने 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था।
भारत की रेटिंग को इसके मध्यम अवधि के मजबूत वृद्धि परिदृश्य से समर्थन हासिल है। यह वैश्विक अर्थव्यवस्था में जीडीपी के हिस्से के साथ इसकी ठोस बाहरी वित्तीय स्थिति और इसके कर्ज प्रोफाइल के संरचनात्मक पहलुओं में सुधार को आगे बढ़ाएगा।
रेटिंग एजेंसी ने पीएनसी फाइनेंशियल सर्विसेज ग्रुप सहित 11 बैंकों का आउटलुक निगेटिव कर दिया है।
Fastest Growing Country: भारत एशिया में सबसे तेजी से विकास करने वाला देश बनेगा। एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है।
भारत में अभी सर्दियों का मौसम चल रहा है, लेकिन गर्मियों के पहले ही पंखों की कीमतों में गर्मी देखने को मिल सकती है। बता दें कि पंखों की कीमतों में यह बढ़ोतरी गर्मियों के पहले ही हो जायेगी, वहीं यह मूल्यवृद्धि सरकार के एक नियम बदलने के कारण हो रही है।
आज के समय में कई कंपनियां ऑनलाइन फर्जी रेटिंग करा रही हैं ताकि उनका प्रोडक्ट गूगल पर सर्च करने पर टॉप रेटिंग वाले प्रोडक्ट में शामिल हो सके। इससे आम ग्राहक को नुकसान हो जाता है। अब सरकार इसपर लगाम लगाने की तैयारी में है।
आज के समय में कई कंपनियां फेक रिव्यू करा रही हैं, ताकि कस्टमर को अधिक से अधिक आकर्षित किया जा सके। सरकार इसपर लगाम कसने के लिए तैयारी में है। आइए जानते हैं कि इससे किन कंपनियों को नुकसान होगा।
एक्सिस बैंक की रेटिंग घटकर जंक कैटेगरी में पहुंची
अन्य रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने भी भारत की आर्थिक वृद्धि के अनुमान को स्थिर परिदृश्य के साथ घटाकर बीबीबी नकारात्मक कर दिया है।
अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों ने भारत की रेटिंग निवेश के सबसे निचले स्तरों पर की
एजेंसी के मुताबिक आर्थिक सुधारों की मदद से आगे तेज रिकवरी संभव
6 कंपनियों की रेटिंग गिरावट के बाद ‘जंक’ स्तर से सिर्फ एक कदम ऊपर
कोरोना संकट से 21 अभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं की रेटिंग या आउटलुक में गिरावट
मूडीज ने इस बात का विशेष उल्लेख किया है कि रेडिंग घटाना पूरी तरह से कोविड-19 प्रकोप के विनाशकारी प्रभाव से प्रेरित नहीं था, इसके पीछे और भी कई कारक थे।
S&P के मुताबिक RIL कर्ज घटाने पर जोर दे रही है जिससे कंपनी की स्थिरता बढ़ेगी
पूंजी बाजार नियामक सेबी द्वारा प्रमुख रेटिंग एजेंसियों पर 25 लाख रुपए का जुर्माना लगाने के बाद अब रिजर्व बैंक ने भी इन एजेंसियों को आड़े हाथों लिया है।
आईएलएफएस (IL&FS) की अंतरिम ऑडिट रपट के खुलासों पर हो रहे विवादों में खुद को फंसा पाने पर इंडिया रेटिंग्स ने शनिवार को कहा कि उसकी मातृ कंपनी फिच के सिंगापुर कार्यालय ने इस मामले में वरिष्ठ निदेशक की भूमिका की जांच की है।
एजेंसी ने कहा है कि देश की कमजोर राजकोषीय स्थिति उसकी रेटिंग के सुधार के रास्ते में बाधा बनी हुई है।
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