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दवाओं पर 100% टैरिफ से किस भारतीय कंपनी को होगा नुकसान, एक्सपर्ट ने बताई ये बातें

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : Sep 28, 2025 04:47 pm IST,  Updated : Sep 28, 2025 04:47 pm IST

एचएसबीसी ने कहा कि सन फार्मा ने वित्त वर्ष 2024-25 में पेटेंट उत्पादों से 1.217 अरब डॉलर की ग्लोबल सेल्स दर्ज की, जिसमें अमेरिकी बाजार का योगदान लगभग 1.1 अरब अमेरिकी डॉलर (वैश्विक बिक्री का 85-90 प्रतिशत) था।

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कई पहलुओं पर निर्भर करता है इनकम पर टैरिफ का प्रभाव Image Source : FREEPIK

अमेरिका द्वारा 1 अक्टूबर से ब्रांडेड और पेटेंट दवाओं के आयात पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने से भारतीय दवा निर्माताओं को कोई खास नुकसान नहीं होगा। एक्सपर्ट्स ने ये अनुमान जताते हुए कहा कि सन फार्मा पर कुछ जोखिम तो है लेकिन इनकम पर सीमित प्रभाव ही पड़ेगा। एचएसबीसी ग्लोबल इन्वेस्टमेंट रिसर्च ने एक रिपोर्ट में कहा कि भारतीय कंपनियों में सिर्फ सन फार्मा की अमेरिका में पेटेंट वाली दवाओं से अच्छी-खासी बिक्री है (वित्त वर्ष 2024-25 के राजस्व का लगभग 17 प्रतिशत)। अमेरिका ने पिछले हफ्ते 1 अक्टूबर से अमेरिका में आने वाली ब्रांडेड या पेटेंट दवाओं पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की।

सन फार्मा ने पिछले वित्त वर्ष की थी 1.217 अरब डॉलर की ग्लोबल सेल्स

एचएसबीसी ने कहा कि सन फार्मा ने वित्त वर्ष 2024-25 में पेटेंट उत्पादों से 1.217 अरब डॉलर की ग्लोबल सेल्स दर्ज की, जिसमें अमेरिकी बाजार का योगदान लगभग 1.1 अरब अमेरिकी डॉलर (वैश्विक बिक्री का 85-90 प्रतिशत) था। ये आंकड़ा कंपनी के कुल रेवेन्यू का 17 प्रतिशत और एकीकृत प्रति शेयर आय (EPS) का 8-10 प्रतिशत था। रिपोर्ट में कहा गया है, ''जेनेरिक (पेटेंट-मुक्त) दवाएं अमेरिकी टैरिफ से मुक्त हैं, इसलिए अन्य भारतीय कंपनियों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।'' 

मुख्य रूप से जेनेरिक दवाएं एक्सपोर्ट करती हैं भारतीय फार्मा कंपनियां

क्रिसिल रेटिंग्स के सीनियर डायरेक्टर अनुज सेठी ने कहा कि नए टैरिफ से ''भारतीय दवा निर्माताओं को कोई खास नुकसान नहीं होगा'', क्योंकि अमेरिका को एक्सपोर्ट होने वाली दवाओं में मुख्य रूप से जेनेरिक, पेटेंट मुक्त दवाएं शामिल हैं, जो इन टैरिफ के दायरे में नहीं आती हैं।

कई पहलुओं पर निर्भर करता है इनकम पर टैरिफ का प्रभाव

HSBC ने कहा कि इस समय सन फार्मा के पेटेंट प्रोडक्ट ज्यादातर वैश्विक अनुबंध विकास और विनिर्माण संगठन (CDMO) भागीदार बताते हैं। इसमें आगे कहा गया, ''हालांकि ये टैरिफ सन फार्मा के लिए व्यापक रूप से नकारात्मक है, हमें लगता है कि इनकम पर टैरिफ का प्रभाव कई पहलुओं पर निर्भर करता है। इनमें सप्लाई चेन का विस्तार, ब्रांड का आईपी स्थान, थर्ड-पार्टी निर्माताओं का उपयोग शामिल हैं।'' 

सन फार्मा के पास क्या होंगे विकल्प

रिपोर्ट में कहा गया कि सबसे खराब स्थिति में सन फार्मा को अमेरिका में प्लांट वाले सीडीएमओ पार्टनर्स को मैन्यूफैक्चरिंग शिफ्ट करना होगा। सन फार्मा पेटेंट उत्पादों के निर्माण को अमेरिका स्थित अपने 3 प्लांटों में भी शिफ्ट कर सकती है। कंपनी नए पूंजीगत व्यय की घोषणा भी कर सकती है या अमेरिका में एक मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट का अधिग्रहण कर सकती है। इसके लिए 6-24 महीने तक का समय लग सकता है।

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