नई दिल्ली। माइक्रोसॉफ्ट इंडिया ने मंगलवार को ‘डिजिटल गवर्नेंस टेक टूर’ कार्यक्रम की घोषणा की है। इस कार्यक्रम के तहत सरकारी आईटी अधिकारियों को नए युग की टेक्नोलॉजी जैसे आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) और इंटेलीजेंट क्लाउड कम्प्यूटिंग के गुण सिखाए जाएंगे। माइक्रोसॉफ्ट 5,000 सरकारी आईटी अधिकारियों को प्रशिक्षित करने के लिए 12 माह की अवधि के दौरान भौतिक और आभासी वर्कशॉप का आयोजन करेगी।
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माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के अध्यक्ष अनंत माहेश्वरी ने कहा कि सरकारी अधिकारियों के लिए अपनी तरह का पहला ‘डिजिटल गवर्नेंस टेक टूर’ नागरिकों की सेवा के लिए टेक्नोलॉजी के साथ और अधिक काम करने में सरकारी अधिकारियों को सक्षम और सशक्त बनाने के जरिये सरकार के लिए एक विश्वसनीय भागीदार बनने की हामरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन ‘डिजिटल गवर्नेंस टेक समिट 2019’ के दौरान नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत और इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय के सचिव अजय प्रकाश साहनी द्वारा किया गया।
भारत 5 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के अपने लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, ऐसे में सुरक्षित और आसान क्लाउड-आधारित टूल्स का उपयोग करते हुए एआई और डाटा विश्लेषण को लागू करने से कार्रवाई योग्य, पुर्वानुमान और प्रभावी नागरिक केंद्रित सेवाएं प्रदान की जा सकती हैं।
‘डिजिटल गवर्नेंस टेक टूर’ सभी सरकारी टेक्नोक्रेट्स और आईटी प्रोफेशनल के लिए खुला होगा, इसमें सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों के कर्मचारी, सरकार के भागीदार और सॉल्यूशन/सिस्टम इंटीग्रेटर्स भी शामिल हो सकेंगे।
इसमें भाग लेने वाले प्रतिभागी एंड-टू-एंड सॉल्यूशन के लिए मूव, ट्रांसफॉर्म और एनालाइज डाटा, डिजाइन और डेप्लॉयमेंट स्किल में सक्षम बनेंगे। इसके अलावा क्लाउड में निगरानी और समस्या निवारण का प्रशिक्षण लेंगे और अजूर क्लाउड के फंडामेंट्ल्स को सीखेंगे।