देश के सबसे बड़े आईपीओ में शामिल जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों को लेकर निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। मुकेश अंबानी की कंपनी के इस मेगा आईपीओ को सब्सक्रिप्शन के दूसरे दिन ही 5 गुना से ज्यादा बोलियां मिल चुकी हैं। खास बात यह है कि बड़े संस्थागत निवेशकों ने इस इश्यू में सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) की कैटेगरी में मांग 12 गुना से भी ज्यादा पहुंच गई है। 30,213 करोड़ रुपये का यह आईपीओ 23 अक्टूबर 2026 को बंद होगा।
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को दूसरे दिन कुल 5.18 गुना सब्सक्रिप्शन मिला चुका है। कंपनी ने 19.75 करोड़ शेयरों की पेशकश की है, जबकि निवेशकों ने इसके मुकाबले करीब 102.03 करोड़ शेयरों के लिए बोली लगाई। यह आंकड़ा दिखाता है कि इस इश्यू को लेकर बाजार में कितनी मजबूत दिलचस्पी है। आईपीओ के पहले दिन भी निवेशकों ने जमकर बोली लगाई थी। बुधवार को खुलने के करीब 100 मिनट के भीतर ही यह पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था। शाम 5 बजे तक निवेशकों ने लगभग 69,800 करोड़ रुपये की बोलियां लगाई थीं।
QIB कैटेगरी में 12.31 गुना मांग
इस आईपीओ में सबसे ज्यादा मांग क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIBs कैटेगरी से आई है। इस हिस्से को करीब 12.32 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। QIBs के लिए 4.90 करोड़ से ज्यादा शेयर रिजर्व्ड थे, जबकि इनके मुकाबले करीब 60.30 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाई गईं। वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों (NII) की कैटेगरी में सब्सक्रिप्शन 5.43 गुना रहा। खुदरा निवेशकों की तरफ से भी अच्छी प्रतिक्रिया मिली और उनका हिस्सा 1.47 गुना सब्सक्राइब हुआ। रिटेल निवेशकों के लिए करीब 8.50 करोड़ शेयर रखे गए थे, जबकि 12.52 करोड़ से ज्यादा शेयरों के लिए बोलियां आईं।
ग्रे मार्केट में 22% से ज्यादा प्रीमियम
Investorgain के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स के अनलिस्टेड शेयर ग्रे मार्केट में 247 रुपये के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे थे। आईपीओ का अपर प्राइस बैंड 1,119 रुपये है। इस हिसाब से ग्रे मार्केट में अनुमानित लिस्टिंग कीमत करीब 1,366 रुपये बैठती है, जो लगभग 22.07% प्रीमियम दर्शाती है। हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक संकेतक है और यह लिस्टिंग पर होने वाले वास्तविक रिटर्न की गारंटी नहीं देता।
23 अक्टूबर को बंद होगा आईपीओ
जियो प्लेटफॉर्म्स इस आईपीओ के तहत 27 करोड़ तक नए शेयर जारी कर रही है। इसलिए इससे मिलने वाली रकम कंपनी को मिलेगी, न कि मौजूदा शेयरधारकों को अपनी हिस्सेदारी बेचने के बदले। इससे पहले एंकर निवेशकों की ओर से भी भारी मांग देखने को मिली थी। अब सभी की नजरें आईपीओ के अंतिम दिन के सब्सक्रिप्शन और शेयर बाजार में इसकी संभावित लिस्टिंग पर टिकी हैं।
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