आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। आभूषण क्षेत्र की एक और दिग्गज कंपनी अपना आईपीओ लाने जा रही है। आईपीओ लाने वाली कंपनी चेन्नई की है और नाम ललिता ज्वेलरी मार्ट है। कंपनी ने सेबी के पास 1700 करोड़ रुपये आईपीओ से जुटाने के लिए दस्तावेज दाखिल किए हैं। दस्तावेजों के मसौदे (DRHP) के अनुसार, चेन्नई की कंपनी का प्रस्तावित आईपीओ 1,200 करोड़ रुपये के नए शेयरों और एम किरण कुमार जैन द्वारा 500 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की बिक्री की पेशकश (ओएफएस) का संयोजन है। आईपीओ में कर्मचारियों के लिए भी शेयर आरक्षित रखे जाएंगे। कर्मचारियों को इसमें छूट भी मिलेगी।
आईपीओ के पैसे का कहां इस्तेमाल करेगी कंपनी
DRHP पेपर के अनुसार, कंपनी आईपीओ से मिले 1,014.50 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग नए स्टोर खोलने में करेगी। आईपीओ से प्राप्त राशि के एक हिस्से का उपयोग सामान्य कंपनी कामकाज के लिए किया जाएगा। ललिता ज्वेलरी मार्ट ने 1985 में चेन्नई के टी नगर इलाके में अपना पहला स्टोर खोला था। 31 दिसंबर, 2024 तक इसके 56 स्टोर थे, जिनमें से 22 आंध्र प्रदेश में, 20 तमिलनाडु में, सात कर्नाटक में, छह तेलंगाना में और एक केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में है। वित्तीय मोर्चे पर, 31 दिसंबर, 2024 को समाप्त बीते वित्त वर्ष के पहले नौ माह में ललिता ज्वेलरी मार्ट का एकीकृत परिचालन राजस्व और शुद्ध लाभ क्रमशः 12,594.67 करोड़ रुपये और 262.33 करोड़ रुपये रहा था। आनंद राठी एडवाइजर्स और इक्विरस कैपिटल इस निर्गम के लिए बुक-रनिंग लीड प्रबंधक हैं। कंपनी के शेयरों को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है।
इन कंपनियों से कंपनी का मुकाबला
ललिता ब्रांड के तहत सोने के आभूषणों की बिक्री करने वाली यह कंपनी टाइटन कंपनी, कल्याण ज्वैलर्स इंडिया, मनोज वैभव जेम्स एन ज्वैलर्स, पीसी ज्वैलर्स, पी एन गाडगिल ज्वैलर्स, सेन्को गोल्ड, थंगमायिल ज्वैलरी और त्रिभुवनदास भीमजी जावेरी जैसी लिस्टेड कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। हाल के दिनों में सोने के भाव में उछाल का फायदा ज्वेलरी सेक्टर की कंपनियों को मिला है। कंपनियों के मुनाफे और रेवन्यू में तगड़ा उछाल देखने को मिला है। बदलते दौर के साथ ब्रांडेड ज्वेलरी की मांग तेजी से बढ़ी है।