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कच्चे तेल की कीमतें, कंपनियों के तिमाही नतीजे तय करेंगे बाजार की चाल, 9 जुलाई को आएंगे टीसीएस के रिजल्ट्स

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : Jul 05, 2026 03:24 pm IST,  Updated : Jul 05, 2026 03:24 pm IST

दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति और खरीफ फसलों की बुवाई ग्रामीण मांग, मुद्रास्फीति की उम्मीदों और वृहद आर्थिक वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण संकेतक बनी रहेगी।

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टीसीएस के तिमाही नतीजों पर रहेगी खास नजर Image Source : AP

इस सप्ताह शेयर बाजार का रुख कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक रुझानों और कंपनियों के तिमाही नतीजों से तय होगा। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस 9 जुलाई को अपने जून तिमाही के वित्तीय परिणाम घोषित करेगा। एक्सपर्ट्स ने कहा कि इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति और विदेशी निवेशकों की कारोबारी गतिविधियां भी बाजार की चाल को प्रभावित करेंगी।

टीसीएस के तिमाही नतीजों पर रहेगी खास नजर 

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) अजित मिश्रा ने कहा, "निवेशक 9 जुलाई को आने वाले टीसीएस के तिमाही नतीजों पर खास नजर रखेंगे। इसमें मांग के रुझान, विवेकाधीन खर्च और एआई आधारित व्यावसायिक अवसरों को लेकर प्रबंधन की टिप्पणियों पर विशेष ध्यान रहेगा।" 

9 जुलाई से आने लगेंगे कंपनियों के तिमाही नतीजे

पिछले हफ्ते बीएसई का सेंसेक्स 663.44 अंक यानी 0.86 प्रतिशत बढ़ा, जबकि एनएसई निफ्टी में 214.85 अंक यानी 0.89 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट प्रवेश गौर ने कहा, "घरेलू मोर्चे पर निवेशकों का ध्यान 9 जुलाई से शुरू हो रहे वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजों पर केंद्रित रहेगा। कंपनियों की आय के शुरुआती आंकड़े और प्रबंधन की टिप्पणियां मांग की स्थिति, मार्जिन के रुझान और कमाई की स्पष्टता के बारे में महत्वपूर्ण संकेत प्रदान करेंगी।" 

दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति पर रहेगा फोकस

प्रवेश गौर ने ये भी कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति और खरीफ फसलों की बुवाई ग्रामीण मांग, मुद्रास्फीति की उम्मीदों और वृहद आर्थिक वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण संकेतक बनी रहेगी। इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच तकनीकी बातचीत का अगला दौर 11 जुलाई को होने की उम्मीद है, हालांकि इसके स्थान के बारे में अभी अंतिम फैसला होना बाकी है। 

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खुलने से भारत को बड़ी राहत

ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा, "स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से तेल की सप्लाई में बाधा की आशंकाएं कम होने के बाद कच्चे तेल की कीमतें 68-69 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर हुई हैं। ऊर्जा कीमतों में लगातार स्थिरता भारत में मुद्रास्फीति के परिदृश्य और बाह्य क्षेत्र के संतुलन के लिए सकारात्मक होगी।" 

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